वाराणसी: अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने भाषण के दौरान वंदे भारत एक्सप्रेस के पहले दिन ही लेट पहुंचने को लेकर उड़ रहे मखौल पर अफसोस जताते हुए कहा कि दिल्ली से काशी के बीच चल रही देश में निर्मित पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन ‘वन्दे भारत एक्सप्रेस’ का मजाक उड़ाना दुखद है.


विश्वस्तरीय ट्रेन
पीएम मोदी ने यहां वाराणसी के लिए 3000 करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करने के बाद कहा, ‘दिल्ली से काशी के बीच चल रही देश में बनी पहली सेमी-हाईस्पीड ट्रेन ‘वंदे-भारत एक्सप्रेस’ को कुछ लोगों द्वारा जिस तरह निशाना बनाया जा रहा है, उसका मजाक उड़ाया जा रहा है, वह बहुत दुखद है.’ उन्होंने कहा कि भारतीय रेल की सूरत और सीरत बदलने वाले अनेक कदम बीते साढे चार वर्ष में उठाए गए हैं और दिल्ली से काशी के बीच चल रही देश में बनी पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वन्दे भारत एक्सप्रेस इसका एक और बहुत बड़ा उदाहरण है.

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मोदी ने कहा, ‘इतने दशकों बाद ही सही, भारत को एक विश्वस्तरीय ट्रेन मिली है लेकिन इस ट्रेन को कुछ लोगों द्वारा जिस तरह निशाना बनाया जा रहा है, यह बहुत दु:खद है.’ उन्होंने कहा कि ‘वंदे भारत’ का मजाक उड़ाने की मानसिकता वाले ऐसे लोगों से देश के हर नागरिकों को सतर्क रहना आवश्यक है. उन्होंने कहा, ‘हमें वंदे भारत ट्रेन बनाने वाले इंजीनियरों पर गर्व है… इंजीनियरों और टेक्नीशियनों को अपमानित करना उचित नहीं है. दिन रात देश के लिए काम करने वालों का मजाक उड़ाना उचित नहीं है. ऐसे लोगों को माफ नहीं किया जा सकता.’

बहुत गर्व है
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे दौर में जब आप सभी राष्ट्रनिर्माण के लिए देश में कुछ नया करने के लिए जी जान से जुटे हैं, उस समय में आपसे यही आग्रह करूंगा कि नकारात्मकता से घिरे इन लोगों की इन हरकतों से निराश होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मैं चेन्नई रेल कोच फैक्टरी के इंजीनियरों, टेक्नीशियनों और सभी कर्मचारियों से कहूंगा कि भारत को आप सभी पर बहुत गर्व है.’

मोदी ने कहा, ‘मैं उनकी मेहनत को प्रणाम करता हूं. नमन करता हूं. आप जैसे इंजीनियर और प्रोफेशनल कल भारत में बुलेट ट्रेन भी बनाएंगे और सफलतापूर्वक चलाएंगे भी. रेलवे के सभी इंजीनियरों और कर्मचारियों तथा इससे जुडे़ एक एक श्रमिकों के परिश्रम का परिणाम है कि आज रेल पटरियों को बिछाने का काम हो अथवा दोहरीकरण या फिर विद्युतीकरण का काम हो, पहले से दो गुनी रफ्तार से हो रहा है.

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