Pradhan Mantri Atmanirbhar Swasth Bharat Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) सोमवार को उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेंगे. प्रधानमंत्री दफ्तर (PMO) की तरफ से जानकारी दी गई है कि वह दोपहर 1.15 बजे वाराणसी (Varanasi) में प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (Pradhan Mantri Atmanirbhar Swasth Bharat Yojana) का शुभारंभ करेंगे.Also Read - DDE Corridor: दिल्ली से देहरादून सिर्फ 2.30 घंटे में, मेरठ से लेकर हरिद्वार तक चमकेगी बीच के शहरों की सूरत

सुबह 10.30 बजे प्रधानमंत्री सिद्धार्धनगर से राज्य के 9 मेडिकल कॉलेजों का उदघाटन करेंगे. इसके अलावा आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री वाराणसी के लिए 5200 करोड़ रुपये से ज्यादा की विभिन्न विकास योजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे. Also Read - Covid-19 New Variant Omicron: नए वैरिएंट ने मचाई दहशत, पीएम मोदी की अहम बैठक, सतर्कता बरतने का दिया निर्देश

पीएमओ की ओर से कहा गया है कि प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना देश में स्वास्थ्य सुविधाओं के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है. प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का लक्ष्य पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रिटिकल गैप को भरना है. खासतौर पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में क्रिटिकल केयर सुविधाओं और प्राइमरी केयर इसके मुख्य लक्ष्य हैं. यह हाई फोकस में रहने वाले 10 राज्यों के 17 हजार 788 ग्रामीण स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को मदद प्रदान करेगा. इनके अलावा सभी राज्यों में 11 हजार 24 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों की स्थापना की जाएगी. Also Read - Farm Laws Repealed: हरियाणा के सीएम खट्टर ने की पीएम मोदी से मुलाकात, MSP पर कह दी बड़ी बात

पांच लाख से अधिक की आबादी वाले देश के सभी जिलों में एक्सक्लूसिव क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक के माध्यम से क्रिटिकल केयर सेवाएं उपलब्ध होंगी. शेष जिलों को रेफरल सेवाओं के साध्यम से कवर किया जाएगा. देशभर में प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के माध्यम से लोगों को सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के तहत डायग्नॉस्टिक सेवाओं की एक पूरी रेंज मिलेगी. सभी जिलों में एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी.

PMASBY के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए राष्ट्रीय संस्थान, 4 नए राष्ट्रीय वायरोल़जी संस्थान, WHO दक्षिण-पूर्वी एशिया के लिए एक क्षेत्रीय अनुसंधान मंच, 9 जैव सुरक्षा स्तर-3 की प्रयोगशालाएं, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की 5 क्षेत्रीय इकाइयां भी स्थापित की जाएंगी.

PMASBY का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में ब्लॉक, जिला, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क विकसित करके आईटी सक्षम रोग निगरानी प्रणाली विकसित करना है. सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं को जोड़ने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एकीकृत स्वास्थ्य सूचना पोर्टल का विस्तार किया जाएगा.

जिन 9 मेडिकल कॉलेज का सोमवार को प्रधानमंत्री उद्घाटन करेंगे वे सिद्धार्थनगर, एटा, हरदोई, प्रतापनगर, फतेहपुर, दवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर और जौनपुर में हैं. जौनपुर के मेडिकल कॉलेज को राज्य सरकार के अपने संसाधनों के माध्यम से चलाया जाएगा. जबकि 8 अन्य मेडिकल कॉलेजों को केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित स्टेब्लिशमेंट ऑफ न्यू मेडिकल कॉलेजेस अटैच्ड विद डिस्ट्रिक्ट/रेफरल हॉस्पिटल के तहत स्वीकृत किया गया है.

केंद्र से प्रायोजित योजना के तहत वंचित, पिछड़े और जरूरतमंत जिलों को वरीयता दी जाती है. इस योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य पेशवरों (डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल) की उपलब्धता में वृद्धि करना है. यही नहीं इस योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों की उपलब्धता के मौजूदा भौगोलिक असंतुलन को ठीक करना और जिला अस्पतालों के मौजूदा बुनियादी ढांचे का प्रभावी ढंग से उपयोग करना है. इस योजना के तीन चरणों के तहत देशभर में 157 नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 63 मेडिकल कॉलेज पहले ही काम करना शुरू कर चुके हैं.

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया इस कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहेंगे. (इनपुट – एएनआई)