नई दिल्ली. देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की सबसे ऊंची लौह प्रतिमा स्थापित करने के बाद भाजपा अब उत्तर प्रदेश में जनसंघ के संस्थापक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित करने वाली है. यह प्रतिमा पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्थापित की जाएगी. यूपी सरकार की योजना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में प्रतिमा लगाने का यह काम पूरा हो जाए. उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों के अनुसार 60 फीट ऊंची कांसे से बनाई जाने वाली यह प्रतिमा वाराणसी के प्रसिद्ध पड़ाव चौक पर स्थापित की जाएगी. पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा स्थापित करने का यह काम सरकार की की उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा की स्थापना की जानी है.

संस्कृति मंत्री बोले- एक साल के भीतर होगी स्थापना
उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर विस्तार से जानकारी दी. मंत्री ने बताया, ‘वाराणसी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर स्मारक बनाने का काम हमारा मंत्रालय कर रहा है. इसी के तहत उनकी कांस्य प्रतिमा स्थापित किए जाने की भी योजना है.’ यूपी के संस्कृति मंत्री ने बताया, ‘वाराणसी के पास स्थित मुगलसराय स्टेशन के पास ही संदिग्ध हालात में दीनदयाल उपाध्याय की मृत्यु हो गई थी. इसलिए यह शहर उनकी यादों से भी जुड़ा है. इसलिए सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में वाराणसी शहर में उनकी प्रतिमा की स्थापना करने जा रही है. एक साल के भीतर प्रतिमा स्थापना का यह काम पूरा कर लिया जाएगा.’

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थापित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा.

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थापित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा.

 

40 फीट ऊंचे प्लेटफॉर्म पर होगी 60 फीट की प्रतिमा
यूपी सरकार द्वारा वाराणसी में स्थापित की जाने वाली पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा कुल 100 फीट की होगी. इसमें प्रतिमा की ऊंचाई जहां 60 फीट होगी, वहीं जिस प्लेटफॉर्म या आधार पर उसे रखा जाएगा, उसकी ऊंचाई 40 फीट रहेगी. सरकार की योजना है कि यह वाराणसी में स्थापित अन्य प्रतिमाओं के मुकाबले सबसे ऊंची दिखाई देने वाली प्रतिमा हो. विशालकाय प्रतिमा का निर्माण उन्नत दर्जे की स्टील से किया जाएगा. साथ ही हवा का दबाव और वातावरणीय प्रभावों को झेलने के लिए इसके अंदर भी लोहे का इस्तेमाल किया जाएगा. संस्कृति मंत्री ने कहा, ‘दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के आसपास उनके जीवन-दर्शन की झलक दिखाई जाएगी. प्रतिमा के निर्माण के लिए सरकार किसी प्रसिद्ध कलाकार-मूर्तिकार की सेवाएं लेगी, जो 6 महीनों में प्रतिमा निर्माण का काम पूरा कर देगा.’

रामपुर में प्रतिमा स्थापना को लेकर हुआ था विवाद
यूपी में एक साल पहले सत्ता में आई सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा स्थापना की योजना बनाई है. इसके तहत गोरखपुर में दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय परिसर में पिछले साल सीएम योगी ने एक प्रतिमा का अनावरण किया था. इसी साल फरवरी में लखनऊ में एक प्रतिमा स्थापित की गई. इसके बाद बलिया और मथुरा में भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा की स्थापना की गई. बता दें कि मथुरा में ही दीनदयाल उपाध्याय का जन्म हुआ था. वहीं, सपा के दिग्गज नेता आजम खान के क्षेत्र रामपुर में प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद भी हुआ. सपा के विधायक आजम खान ने रामपुर में दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा की स्थापना को लेकर आपत्ति जताई थी.