नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया. कुछ माह पहले जिस गोरखपुर में लोकसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी की हार हुई, उससे सटे यूपी के संतकबीर नगर जिले के मगहर में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा. पीएम मोदी यूं तो संत कबीर की 500वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मगहर पहुंचे थे, लेकिन उनका भाषण पूरी तरह से विपक्षियों पर हमले पर केंद्रित था. उन्होंने कहा कि कुछ दल महापुरुषों के नाम पर स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं और समाज को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. मगहर में कबीर के निर्वाण स्थल के दर्शन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने यूपी में सपा-बसपा गठजोड़ और हाल में अखिलेश यादव के बंगला प्रकरण को लेकर भी विपक्षी दलों पर प्रहार किया.

कबीर के बहाने सामाजिक समानता की बात
पीएम मोदी ने देशभर के कबीरपंथियों के लिए महत्वपूर्ण स्थानों में से एक मगहर में कबीर के उपदेशों के साथ-साथ अन्य संतों को याद किया. साथ ही उन्होंने इस बहाने सामाजिक समानता की बातें भी दोहराईं. पीएम मोदी ने कहा, ‘समय के लंबे कालखंड में संत कबीर के बाद रैदास आए, सैकड़ों वर्षों के बाद महात्मा फुले आए, महात्मा गांधी आए, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर आए. समाज में फैली असमानता को दूर करने के लिए सभी ने अपने-अपने तरीके से समाज को रास्ता दिखाया. बाबा साहेब ने हमें देश का संविधान दिया. एक नागरिक के तौर पर सभी को बराबरी का अधिकार दिया.’ विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से आज इन्हीं महापुरुषों के नाम पर कुछ दल स्वार्थ की राजनीति के जरिए समाज को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. कुछ दलों को समाज में शांति और विकास नहीं, बल्कि कलह और अशांति चाहिए. उनको लगता है कि जितना असंतोष और अशांति का वातावरण बनाएंगे उनको उतना ही राजनीतिक लाभ होगा. लेकिन सच्चाई यह भी है कि ऐसे लोग जमीन से कट चुके हैं.’

‘बंगला प्रकरण’ पर भी किया तंज
पीएम मोदी ने मगहर में अपने संबोधन में यूपी में हाल में उठे नेताओं के बंगला प्रकरण पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि ऐसे दलों और उनके नेताओं का जनता एवं समाज के विकास पर नहीं, बल्कि अपने आलीशान बंगले पर मन लगा हुआ है. उन्होंने कहा, ‘मुझे याद है जब गरीब और मध्यम वर्ग को घर देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू हुई तो पहले वाली सरकार (सपा सरकार) का रवैया क्या था. हमारी सरकार ने तमाम पत्र लिखे, अनेक बार फोन पर बात की…, लेकिन वो ऐसी सरकार थी जिसको अपने बंगले में रुचि थी.’ मोदी ने सपा-बसपा और कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि जब से योगी की सरकार आई, उसके बाद उत्तर प्रदेश में गरीबों के लिए रिकॉर्ड घरों का निर्माण किया जा रहा है. कबीर ने सारी जिन्दगी उसूलों पर ध्यान दिया. उन्होंने मौत का मोह नहीं किया लेकिन गरीबों को झूठा दिलासा देने वाले समाजवाद और बहुजन का सत्ता के प्रति लालच भी आज हम भलीभांति देख रहे हैं.

आपातकाल लगाने वाले कुर्सी की कर रहे फिक्र
पीएम नरेंद्र मोदी ने आपातकाल की वर्षगांठ का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘दो दिन पहले ही देश में आपातकाल के 43 साल हुए थे. सत्ता का लालच ऐसा है कि आपातकाल लगाने वाले और उस समय उसका विरोध करने वाले आज कंधे से कंधा मिलाकर कुर्सी झपटने की फिराक में घूम रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि ऐसे दलों को देश नहीं, समाज नहीं सिर्फ अपने और अपने परिवार के हित की चिन्ता है. पीएम मोदी ने कहा, ‘गरीब, वंचित, शोषित, दलित, पिछड़ों को धोखा देकर अपने लिए करोड़ों के बंगले बनाने वाले… भाइयों और रिश्तेदारों को करोड़ों अरबों की संपत्ति का मालिक बनाने वाले ऐसे लोगों से उत्तर प्रदेश ओर देश की जनता को सतर्क रहने की जरूरत है.’

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पीएम के संबोधन में तीन तलाक की भी चर्चा
पीएम मोदी ने संत कबीर के निर्वाण स्थल पर आयोजित सभा में मुस्लिम महिलाओं से संबंधित केंद्र सरकार के प्रमुख एजेंडे, तीन तलाक की भी चर्चा की. पीएम ने कहा, ‘आपने तीन तलाक के विषय में इन लोगों का रवैया देखा है. देशभर में मुस्लिम समाज की बहनें आज तमाम धमकियों की परवाह ना करते हुए तीन तलाक हटाने की लगातार मांग कर रही हैं. लेकिन ये राजनीतिक दल, सत्ता पाने के लिए वोट बैंक का खेल खेलने वाले लोग संसद में तीन तलाक बिल पारित होने में रोड़े अटका रहे हैं. ये लोग अपने हित के लिए समाज को हमेशा कमजोर रखना चाहते हैं.’ उन्होंने कहा कि इस बात का अफसोस है कि आज कई परिवार खुद को जनता का भाग्यविधाता समझ कबीर की बातों को पूरी तरह नकारने में लगे हैं. वे भूल गए हैं कि हमारे संघर्ष और आदर्श की बुनियाद कबीर जैसे महापुरुष हैं.

सरकार की उपलब्धियों का भी बखान
पीएम मोदी ने कबीर की 500वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अपनी सरकार की उपलब्धियों का भी बखान किया. उन्होंने कहा, ‘कबीर खुद श्रमजीवी थे. वह श्रम का माहात्म्य समझते थे लेकिन आजादी के इतने वर्षों तक हमारे नीति निर्माताओं ने कबीर के इस दर्शन को नहीं समझा. गरीबी हटाने के नाम पर वो गरीबों को वोट बैंक की सियासत पर आश्रित करते रहे. बीते चार वर्ष में हमने इस रीति नीति को बदलने का भरसक प्रयास किया है. हमारी सरकार गरीब दलित पीड़ित शोषित वंचित महिलाओं को, नौजवानों को सशक्त करने की राह पर चल रही है.’ उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कबीर के कालखंड में मगहर को उसर और अभिशप्त माना गया था, उसी प्रकार आजादी के इतने वर्ष तक देश के कुछ ही हिस्सों तक विकास की रोशनी पहुंच पाई है. कबीर ने जिस तरह मगहर को अभिशाप से मुक्त किया, उसी तरह हमारी सरकार का प्रयास देश की एक-एक जमीन को विकास की धारा से जोड़ने का है.

भोजपुरी में शुरुआत, ‘साहिब बंदगी’ के साथ समापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोजपुरीभाषी इलाके में दिए गए अपने संबोधन में स्थानीय लोगों से खुद को जोड़ते हुए भोजपुरी भाषा में भाषण की शुरुआत की. वहीं, अपने संबोधन के अंत में पीएम ने कबीरपंथियों में प्रचलित ‘साहिब बंदगी’ के साथ भाषण का समापन किया. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया मगहर को संत कबीर की निर्वाण भूमि के रूप में जानती है, लेकिन आजादी के इतने वर्ष बाद यहां भी स्थिति वैसी नहीं है, जैसी होनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि मगहर को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र में सदभाव और समरसता के केन्द्र के रूप में विकसित करने का कार्य अब हम तेज गति से करने जा रहे हैं. जनसभा से पहले पीएम मोदी ने संत कबीर की मजार पर चादर चढ़ाई और पुष्प अर्पित किए. उन्होंने संत कबीर अकादमी का शिलान्यास भी किया.

(इनपुट – एजेंसी)