नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में बुधवार को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया और मंदिर की आधारशिला रखी. उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल दशकों पुराने मुद्दे का समाधान करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया था.Also Read - UP Assembly Polls 2022: भाजपा ने जारी की स्टार प्रचारकों की लिस्ट, पीएम मोदी और अमित शाह सहित 30 नाम शामिल | देखिए

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां राम मंदिर भूमि पूजन समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आज मुक्त हुई है. उन्होंने जय सिया राम का नारा लगाते हुए कहा कि कई पीढ़ियों ने इसके लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया था, और राम मंदिर के लिए कई-कई पीढ़ियों ने अखंड, अविरत एकनिष्ठ प्रयास किए, और आज का यह दिन उसी तप, त्याग और संकल्प का प्रतीक है. Also Read - जानिए क्या है Teleprompter और कैसे करता है काम? जिसे लेकर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कसा तंज

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहां विश्राम. राम मंदिर के आंदोलन में अर्पण भी था और तर्पण भी था.” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने मुझे आमंत्रित किया. साक्षी बनने का अवसर दिया. मैं इसके लिए हृदय से ट्रस्ट का आभार व्यक्त करता हूं.” Also Read - Dinesh Sharma's Profile: अटल बिहारी वाजपेयी ने मांगे थे जिनके लिए वोट, जानें उन दिनेश शर्मा के बारे में सब कुछ

मोदी ने कहा, “कश्मीर से कन्याकुमारी, जगन्नाथ से केदारनाथ तक, सोमनाथ से काशी विश्वनाथ तक, बोध गया से सारनाथ तक, अंडमान से अजमेर तक, लक्ष्यद्वीप से लेह तक आज पूरा भारत राममय है. पूरा देश रोमांचित है. हर मन दीपमय है. आज पूरा भारत भावुक है. सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है.”

भूमि पूजन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे.

पुजारियों ने मंत्रोच्चारण के साथ भूमि पूजन की शुरुआत की और फिर मोदी द्वारा मंदिर निर्माण के लिए आधारशिला रखे जाने के साथ ही भूमि पूजन संपन्न हो गया. कार्यक्रम के दौरान नौ शिलाओं की पूजा की गई और मोदी ने मंदिर की नींव की मिट्टी से अपने माथे पर तिलक लगाया. इससे पहले, लखनऊ से मोदी हेलीकॉप्टर से अयोध्या पहुंचे जहां मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज पूरा भारत भावुक है सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है. करोड़ों लोगों को आज ये विश्वास ही नहीं हो रहा होगा कि वो अपने जीते-जी इस पावन दिन को देख पा रहे हैं. बरसों से टाट और टेंट के नीचे रह रहे हमारे रामलला के लिए अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा.”

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में अर्पण भी था तर्पण भी था, संघर्ष भी था, संकल्प भी था. जिनके त्याग, बलिदान और संघर्ष से आज ये स्वप्न साकार हो रहा है, जिनकी तपस्या राममंदिर में नींव की तरह जुड़ी हुई है, मैं उन सब लोगों को आज नमन करता हूँ, उनका वंदन करता हूं.

पीएम मोदी ने कहा, “श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा, हमारी शाश्वत आस्था का प्रतीक बनेगा, हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा और ये मंदिर करोड़ों-करोड़ लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा.”

प्रधानमंत्री ने कहा, “राम हमारे मन में गढ़े हुए हैं, हमारे भीतर घुल-मिल गए हैं. आप भगवान राम की अद्भूत शक्ति देखिए, इमारतें नष्ट हो गईं. क्या कुछ नहीं हुआ, ​अस्तित्व मिटाने का हर प्रयास हुआ. लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हैं, हमारी संस्कृति के आधार हैं.” उन्होंने कहा कि आज का ये दिन करोड़ों रामभक्तों के संकल्प की सत्यता का प्रमाण है. आज का ये दिन सत्य, अहिंसा, आस्था और बलिदान को न्यायप्रिय भारत की एक अनुपम भेंट है.