गाजियाबाद (यूपी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां 32,500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इन परियोजनाओं में दिल्ली और मेरठ को गाजियाबाद के रास्ते जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी ‘रीजनल रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम’ (आरआरटीएस) का शिलान्यास, हिंडन हवाईअड्डे के सिविल एनक्लेव का उद्घाटन और दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन का विस्तार शामिल हैं. इस अवसर पर मोदी ने लोगों से कहा, ‘‘आरआरटीएस का निर्माण 30,000 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से किया जा रहा है. देश के इस प्रथम आरआरटीएस का काम पूरा हो जाने पर दिल्ली और मेरठ के बीच दूरी महज एक घंटे की रह जाएगी.’’

दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन के विस्तार के तहत अब शहीद स्थल (नया बस अड्डा) दिल्ली के दिलशाद गार्डन से जुड़ जाएगा. वहीं, हिंडन हवाईअड्डा में नया टर्मिनल वाणिज्यिक उड़ानों के लिए है. उल्लेखनीय है कि यह हवाईअड्डा अभी तक सिर्फ वायुसेना के परिचालन के लिए था. प्रधानमंत्री ने लोनी टॉऊन इलाके में दो मॉडल इंटर कॉलेजों (लड़के और लड़कियों के लिए एक – एक), पेयजल संयंत्र और सीवेज शोधन केंद्र का उदघाटन किया. मोदी ने केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता वीके सिंह के लोकसभा क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी. इनमें एक समेकित यातायात प्रबंध प्रणाली (आईटीएमएस), 45 मीटर चौड़ी उत्तरी बाहरी सड़क और बाहरी रिंग रोड सहित अन्य शामिल हैं.

ये हैं वो तीन महिलाएं, जिन्हें अखिलेश यादव ने महिला दिवस पर दिया टिकट का तोहफा

प्रधानमंत्री ने कहा कि गाजियाबाद को इसके तीन ‘सी’ कनेक्टिविटी (संपर्क), क्लीननेस (स्वच्छता) और कैपिटल (पूंजी) के लिए जाना जाता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस क्षेत्र की पहले बेहद खराब छवि थी, लेकिन अब अच्छी हवाई, रेल और सड़क कनेक्टिविटी है. उन्होंने कहा कि दूसरे सी का अर्थ स्वच्छता से है जिसका पता हाल ही में आयी स्वच्छता रैंकिंग से चलता है जिसमें गाजियाबाद का 13वां स्थान है जबकि 2017 में वह 351वें स्थान पर था. मोदी ने कहा कि यह एक ‘ऊंची छलांग’ है जिसका श्रेय लोगों, जिला प्रशासन और राज्य सरकार को जाता है. तीसरे सी कैपिटल (पूंजी है) को स्पष्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जनपद औद्योगिक और व्यापारिक हब के रूप में पहचाना जाता है.

उन्होंने कहा कि संपर्क परियोजनाओं से न केवल रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे बल्कि हजारों यात्रियों को भी लाभ होगा. मोदी ने कहा कि लोग दफ्तर में आठ से नौ घंटे काम करते हैं और दो से तीन घंटे उनके सफर में लग जाते हैं. उन्होंने कहा कि सड़क और मेट्रो रेल की कनेक्टिविटी से लोगों का सफर का समय घटेगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा खराब थी, गन्ना किसानों को उनका बकाया नहीं मिलता था, अपराध चरम पर था और विकास के नाम पर लूट होती थी, लेकिन अब सब बदल गया है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के अधीन हम न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में बदलाव में सफल रहे हैं.