लखनउ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ (Atma Nirbhar Uttar Pradesh Rojgar Abhiyan) की शुरूआत करते हुए शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जिस तरह ‘आपदा’ को ‘अवसर’ में बदला गया, देश के अन्य राज्यों को भी इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा. मोदी ने कहा, ‘मुझे पूर्ण विश्वास है कि योगी के नेतृत्व में जिस तरह आपदा को अवसर में बदला गया, जिस तरह योगी और उनकी टीम जी जान से जुटे हैं, देश के अन्य राज्यों को भी इस योजना से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा. हर कोई इससे प्रेरणा पाएगा . मुझे उम्मीद है कि अन्य राज्य भी अपने यहां ऐसी योजनाएं लेकर आएंगे .’ Also Read - देश के 19 राज्‍यों में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की दर राष्‍ट्रीय औसत से बेहतर: केंद्र

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘श्रम की ताकत हम सभी ने महसूस की है . श्रम की इसी शक्ति का आधार बना, भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान.’ उन्होंने कहा, ‘आज इसी ने आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान को प्रेरणा दी यानी केन्द्र की योजना को योगी की सरकार ने गुणात्मक एवं संख्यात्मक दोनों ही तरीकों से विस्तार दे दिया.’ उन्होंने कहा कि संकट के समय जो साहस दिखाता है, सूझबूझ दिखाता है, सफलता उसी को मिलती है . आज जब दुनिया में कोरोना का संकट है, उत्तर प्रदेश ने जो साहस और सूझबूझ दिखायी, जिस तरह स्थितियों को संभाला, वह अभूतपूर्व और प्रशंसनीय है. Also Read - Punjab Lockdown Extension News: जमावड़े पर लगी रोक, शादी समारोह में केवल इतने लोग होंगे शामिल

मोदी ने कहा, ‘इसके लिए मैं उत्तर प्रदेश के 24 करोड़ नागरिकों की सराहना करता हूं. विशेष रूप से नमन करता हूं. आपने जो काम किया है, वह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है . आप सबने मिलकर यूपी को जिस मुश्किल स्थिति में संभाला है, आने वाले अनेक वर्षो तक उत्तर प्रदेश का हर बच्चा, हर परिवार इसको बडे गर्वपूर्वक याद रखेगा. आने वाली पीढियां याद रखेंगी .’ Also Read - PM मोदी ने सुंदर पिचाई से की वीसी, गूगल भारत में 10 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रयास और उपलब्धियां इसलिए विराट हैं क्योंकि यह सिर्फ एक राज्य भर नहीं है . अगर 24 करोड़ की जनता की बात करें तो ये हमारा उत्तर प्रदेश दुनिया के कई देशों से बडा राज्य है . मोदी ने कहा कि इस उपलब्धि को उत्तर प्रदेश के लोग खुद महसूस कर रहे हैं लेकिन इसको हम तब ज्यादा अच्छी तरह समझ पाते हैं और ये आंकडे़ जब जानेंगे तो हम हैरान हो जाएंगे . तुलना करने से पता चलता है कि आज उत्तर प्रदेश ने कितनी बडी सिद्धि प्राप्त की है . हम यूरोप के चार बडे़ देश देखें … इंगलैंड, फ्रांस, इटली और स्पेन. ये देश दो सौ—ढाई सौ साल तक दुनिया में सुपर पावर हुआ करते थे . आज भी दुनिया में उनका दबदबा है .

उन्होंने कहा कि आज अगर इन चारों देशों की कुल जनसंख्या जोड़ दें तो वह भी उत्तर प्रदेश के 24 करोड़ की जनसंख्या के बराबर होगी . कोरोना महामारी में इन चार देशों में कुल मिलाकर एक लाख 30 हजार लोगों की मौत हो चुकी है जबकि उतनी ही जनसंख्या वाले हमारे उत्तर प्रदेश में 600 लोगों की जान गयी. मोदी ने कहा, ‘कहां एक लाख 30 हजार की मृत्यु और कहां 600 की मृत्यु .’ प्रधानमंत्री ने कहा कि उक्त चार देशों ने मिलकर कितने प्रयास किये, फिर भी उनके यहां उत्तर प्रदेश से कई गुना ज्यादा जानें गयीं . ये देश विकसित हैं, उनके पास संसाधन भी हैं लेकिन फिर भी अपने नागरिकों को बचाने में उन्हें वह सफलता नहीं मिली जो सफलता उत्तर प्रदेश को मिली . इसके लिए हर उत्तर प्रदेश वासी और हर भारतवासी को गर्व होगा .

उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास क्या नहीं है, सब कुछ है . साधन, संसाधन, आधुनिक टेक्नालाजी किसी चीज की कमी नहीं है लेकिन फिर भी आज अमेरिका कोरोना से बहुत बुरी तरह प्रभावित है . यह भी याद रखिये कि अमेरिका की जनसंख्या करीब 33 करोड़ है . अमेरिका में अब तक एक लाख 25 हजार की मौत हो चुकी है जबकि हमारे उत्तर प्रदेश में 600 लोगों की मृत्यु हुई है . प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अगर योगी जी ने और उत्तर प्रदेश के उनके सभी साथियों ने, उत्तर प्रदेश सरकार ने सही से तैयारी नहीं की होती, अगर यूपी में भी अमेरिका की तरह तबाही मची होती तो आज उत्तर प्रदेश में 600 नहीं, 85 हजार लोगों की जान जा सकती थी.’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन जो मेहनत यूपी की सरकार ने की है, हम कह सकते हैं कि एक प्रकार से अब तक कम से कम 85 हजार लोगों का जीवन बचाने में वो कामयाब हुए हैं . आज अगर हम अपने नागरिकों का जीवन बचा पा रहे हैं तो ये भी अपने आप में एक संतोष का विषय है और देश का आत्मविश्वास भी उसके कारण बढ़ता है .’ मोदी ने कहा कि इसमें भी हमें एक और बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि यह सब उस स्थिति में हुआ जब देश भर से करीब 30—35 लाख प्रवासी कामगार और श्रमिक साथी यूपी में पिछले कुछ हफ्तों में अपने गांव लौटे . सैकड़ों श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलवा कर उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने लोगों को वापस बुलवा लिया .

उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से आये साथियों से संक्रमण का जोखिम और भी अधिक है, लेकिन उत्तर प्रदेश ने जिस तरह स्थिति को संवेदनशीलता के साथ संभाला, उसने राज्य को एक बडे संकट से बाहर निकाल लिया. देश की भी बहुत बडी सेवा उत्तर प्रदेश ने की है. आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान का लक्ष्य रोजगार प्रदान करने, स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढा़वा देने और रोजगार के मौके उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक संगठनों और अन्य संस्थानों को साथ जोडना है . मोदी ने प्रदेश के छह जिलों के ग्रामीणों से संवाद भी किया . राज्य के सभी जिलों के ग्रामीण साझा सेवा केन्द्र और कृषि विज्ञान केन्द्रों के जरिए इस अभियान के शुभारंभ के साक्षी बने.