नई दिल्ली: कैराना लोकसभा उपचुनाव और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत से उत्साहित राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने इस जीत को ‘विपक्ष की एकजुटता के लिए जनता का संदेश’ करार दिया और कहा कि उनकी पार्टी अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनावों को ‘हिंदू बनाम मुस्लिम’ करने के प्रयास को ‘सामाजिक गठजोड़’ के जरिए विफल करेगी.उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व का फैसला संख्या के आधार पर और सामूहिक रूप से विचार-विमर्श के बाद होगा. Also Read - बिहार: कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय से 8 लाख रुपए बरामद, इनकम टैक्स अफसरों ने रणदीप सिंह सुरजेवाला से की पूछताछ

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चौधरी ने कहा, ‘हालिया उपचुनावों में जनता ने साफ संदेश दिया है कि सभी पार्टियां एकजुट हों. मुझे लगता है कि विपक्ष में अनुभवी लोग हैं और उनको पता चल गया है कि जनता क्या चाहती है.उन्होंने कहा, ‘जिसे अपना राजनीतिक दायरा बनाना है और बरकरार रखना है, उसे इस गठजोड़ में आना होगा. दूसरा कोई रास्ता नहीं है. गौरतलब है कि कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में विपक्ष समर्थित आरएलडी उम्मीदवार तबस्सुम हसन और नूरपुर विधानसभा सीट पर सपा के नईमुल हसन ने जीत हासिल की. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: तेजस्वी की चाल में उलझा जदयू, 77 सीटों पर सीधा मुकाबला

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अगले लोकसभा चुनाव के संभावित गठबंधन के नेता के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने कहा, ‘यह फैसला संख्या के आधार पर होगा, लेकिन विपक्ष के सभी अनुभवी नेता मिलकर इस पर फैसला करेंगे. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व करने की संभावना को लेकर रालोद नेता ने कहा, ‘मैंने उनके साथ काम किया है. उनको राजनीति का लंबा अनुभव हो चुका है. पहले कांग्रेस को तय करना है और फिर विपक्षी दल के नेता मिलकर तय करेंगे.

उन्होंने भाजपा पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति का आरोप लगाया और कहा, ‘अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनावों में हिंदू बनाम मुस्लिम नहीं होने दिया जाएगा. भाजपा के प्रयासों को सामाजिक गठजोड़ के जरिए हम विफल करेंगे जैसे इस उपचुनाव में किया है. रालोद उपाध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा, कांग्रेस और उनकी पार्टी एकजुट होंगी और सीटों के तालमेल को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी.