लखनऊ: संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) के खिलाफ राजधानी लखनऊ स्थित घंटाघर के नीचे प्रदर्शन कर रही 100 से ज्यादा महिलाओं के खिलाफ शनिवार को धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज करके कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे

ठाकुरगंज थाना प्रभारी प्रमोद मिश्र ने बताया कि धारा 144 के तहत लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करके घंटाघर परिसर में धरना-प्रदर्शन करने वाली 10 नामजद और 100 से ज्यादा अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने मौके से एक महिला और आठ पुरुषों को गिरफ्तार किया है. Also Read - UP Assembly Budget Session शुरू, ट्रैक्‍टर सवार SP नेता-कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल, Petrol-Diesel की महंगाई का किया विरोध

मौके पर मौजूद एक महिला ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच पुलिस ने अचानक प्रदर्शन स्थल में घुसकर वहां मौजूद वॉलंटियर्स को पकड़ लिया. महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बुजुर्गों तक को पीटा और महिलाओं से दुर्व्यवहार किया. हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. Also Read - VIDEO: राहुल गांधी ने कहा- 'हम दो-हमारे दो' अच्छी तरह सुन लें, असम को कोई नहीं बांट पाएगा, CAA नहीं होगा

इस बीच, दिल्ली के शाहीनबाग की तर्ज पर सीएए और एनआरसी के खिलाफ घंटाघर के नीचे महिलाओं का प्रदर्शन आज नौवें दिन भी जारी रहा. बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि सरकार जब तक सीएए को वापस नहीं लेती और एनआरसी का इरादा नहीं छोड़ती तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा.

(इनपुट भाषा)