फतेहपुर: ललौली थाना क्षेत्र के घनश्याम का डेरा मजरे कोर्रा कनक गांव में विगत 15 साल पहले रंजिश को लेकर एक व्यक्ति की हत्या के मामले में खुद को बचाने की खातिर अपनी हत्या का षड्यंत्र रचने वाले बीस हजार के इनामी हत्यारे को पुलिस ने पंद्रह साल बाद गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया. इस कामयाबी पर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को शाबाशी देते हुए इनामी राशि के अलावा पांच हजार रुपये का अतिरिक्त इनाम दिया है.

पुलिस अधीक्षक राहुल राज ने मंगलवार को बताया कि ललौली थाना क्षेत्र के ग्राम घनश्याम का डेरा मजरे कोर्रा कनक निवासी छोटेलाल पुत्र सुखदेव द्वारा सवनिया उर्फ धनताली की हत्या कर शव का सिर काटकर गायब कर देने एवं मृतक के शरीर में अपना कपड़ा पहनाकर कुएं में डालकर खुद की हत्या का षड्यंत्र रचा था. छोटेलाल वर्ष 2003 से लापता था. वहीं मृतक के पुत्र राजकरन निषाद द्वारा शव की पहचान करने पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था. तब से छोटेलाल लापता हो गया था और वह दूसरे राज्यों में रहने लगा था. मृतक सवनिया उर्फ धनताली की भांजी रजोलिया पत्नी रामसनेही ग्राम बगेरन डेरा मजरे कोर्रा कनक द्वारा मृतक छोटेलाल की जगह अपने मामा सवनिया की हत्या कर शव को कुएं में डाल देने तथा अभियुक्त छोटेलाल निषाद के कपड़े पहना देने का आरोप लगाते हुए छोटेलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. इसी बीच मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम दसौली जाकर उसकी ससुराल से उसे धर दबोचा.

पूछताछ के दौरान उसने घटना से पर्दा उठा दिया. एसपी ने कहा कि 2003 में छोटेलाल ने अर्जुन की हत्या कर दी थी. वहीं उसका सिर काटकर गायब करने के साथ ही उसका एक हाथ काटकर अलग कर दिया था, क्योंकि मृतक के हाथ पर अर्जुन लिखा था. उन्होंने बताया कि छोटेलाल ने अपने कपड़े मृतक के शरीर में डालकर शव को कुएं मे फेंक दिया था. उधर जब रजोलिया द्वारा मुकदमा पंजीकृत कराया गया तो मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना से पर्दा उठाने के लिए पुलिस पूरी तरह से जुट गई और सोमवार शाम ललौली पुलिस ने उसकी ससुराल से उसे दबोच लिया.

उन्होंने बताया कि इन 15 सालों के बीच छोटेलाल दो ट्रक, आठ प्लॉट, तीन मकान व एक बोलेरो का मालिक बन गया है. पुलिस के समक्ष आरोपी छोटेलाल ने अर्जुन की हत्या करना कबूल करते हुए घटना से पर्दा उठा दिया.