लखनऊ: उत्तर प्रदेश के आतंकवादरोधी दस्ते ने खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) को हथियारों की आपूर्ति करने वाले प्रमुख व्यक्ति आशीष को शनिवार को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है. फिलहाल एटीएस उत्तर प्रदेश में उसके आपूर्ति चैनल और इससे जुड़े लोगों को लेकर जांच कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह पंजाब पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अपने समकक्षों से आशीष से जुड़ी जानकारी साझा की थी. Also Read - COVID19: हरिद्वार में और 30 साधु कोरोना पॉजिटिव निकले, निरंजनी अखाड़ा ने कुंभ से हटने का फैसला किया

एटीएस के प्रवक्ता ने कहा कि आशीष सिंह को हरिद्वार के सिविल लाइंस क्षेत्र के जादुगर रोड पर टिकरी से गिरफ्तार किया गया. उस पर हत्या का प्रयास, घातक हथियारों से दंगा करने, साल 2018 में पंजाब में आपराधिक साजिश रचने और अपराधी को शरण देने का आरोप है. आशीष को केएलएफ के प्रमुख और फोर्स को हथियार आपूर्ति करने वाला गुगनी ग्रेवाल उर्फ हरमीत सिंह का दाहिना हाथ माना जाता है. इसके अलावा आरएसएस और शिवसेना कार्यकर्ता की हत्या में भी आशीष शामिल रहा है. Also Read - Mahakumbh in Haridwar: हरिद्वार में महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान, देखें ये फोटो

पाकिस्तान में 27 जनवरी, 2020 को केएलएफ के प्रमुख की हत्या के बाद पंजाब पुलिस ने पंजाब के मोंगा से सुखप्रीत सिंह को ढूंढ़ निकाला और उसकी सूचना पर ही आशीष को पकड़ा जा सका. एटीएस के एडिशनल डायरेक्टर जनरल डी. के. ठाकुर ने कहा कि आशीष का नाम शराब की गैर-कानूनी बिक्री सहित अन्य कई मामलों में शामिल है. वह पटियाला जेल में बंद रहने के दौरान केएलएफ प्रमुख के संपर्क में आया. आशीष ने केएलएफ प्रमुख को विभिन्न बोर वाले 10 पिस्तौल भी दिए थे. Also Read - Mahakumbh in Haridwar: हरिद्वार में सोमवती अमावस्‍या पर महाकुंभ का दूसरा शाही स्‍नान, साधु-संत, आम लोग लगा रहे पवित्र डुबकी

ठाकुर ने कहा, “हम आशीष से जुड़े लिंक और हथियारों को खरीदने के उसके चैनल की तलाश कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में पंजाब पुलिस की सूचना के आधार पर काम किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश में आशीष के अन्य साथियों के बारे में भी पता चला है. सूत्र ने कहा कि आशीष के कॉल रिकॉर्ड की जांच की गई है, इसमें पाकिस्तान के कुछ नंबरों के बारे में पता चला है.