आगरा. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आगरा में मॉब लिंचिंग में 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, क्योंकि एक व्यक्ति की बच्चा चोर होने के संदेह में कथित रूप से पिटाई की गई थी. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा खरगोन जिले के नौ लोगों को इसी तरह की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार करने के 48 घंटे के बाद घटना सामने आई है. आगरा में मंगलवार को मॉब लिचिंग की घटना घटी थी, लेकिन बुधवार को जब मारपीट का वीडियो फुटेज सामने आया तो पुलिस के ध्यान में यह मामला आया. आगरा सर्कल ऑफिसर (सदर) विकास जायसवाल ने संवाददाताओं को बताया कि 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस घटना के वीडियो फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान कर रही है.

सीओ सदर विकास अग्रवाल ने बताया कि घटना के आरोपियों की पहचान होने के बाद गिरफ्तारी होगी. जायसवाल ने कहा कि स्थानीय पुलिस इस संबंध में निवासियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही थी. बच्चे को उठाने की घटनाओं से संबंधित किसी भी गतिविधि के मामले में लोगों को पुलिस को जानकारी देने के लिए कहा जा रहा है. बच्चा चोरी के संदेह पर बुधवार को मॉब लिंचिंग की यह घटना आगरा जिले में होने वाली दूसरी ऐसी घटना थी.

पुलिस ने पहले एक 60 वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला की कथित तौर पर बच्चा चोर होने के संदेह में पिटाई करने के आरोप में नौ युवकों को गिरफ्तार किया था. बता दें कि कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में भी मॉब लिंचिंग का एक मामला सामने आया था. सोनभद्र में कथित तौर पर चार लोगों ने एक 15 वर्षीय किशोर को जिंदा जलाने की कोशिश की थी. इस मामले में किशोर ने आरोप लगाया था कि उससे जबरन जयश्री राम बोलने को कहा जा रहा था. ऐसा न करने पर आरोपियों ने उसे जिंदा जलाने का प्रयास किया.

(इनपुट – एजेंसी)