जालौन: उत्तर प्रदेश के उरई से गधों को लेकर एक बेहद अजीबो गरीब मामला सामने आया है. यहां यूपी पुलिस ने गधों को हिरासत में रखा और 4 दिन बाद छोड़ दिया. दरअसल इन गधों का जुर्म ये था कि इन्होंने उरई स्थित जिला कारागार के बाहर लगे पेड़ पौधों को नुकसान पहुंचाया था.

उरई जेल के हेड कांस्टेबल आरके मिश्रा ने बताया कि गधों के मालिकों को जेल के आसपास से दूर रखने की नसीहत दी गई थी. इसके बावजूद गधों ने यहां बाहर लगे पेड़ पौधों को नष्ट कर दिया. उन्होंने बताया कि जेल के बाहर लगे ये पेड़ काफी मंहगे थे, जिन्हें वरिष्ठ अधिकारियों ने लगवाया था.

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पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के बाद पुलिस अधिकारी गधों के समूह के जेल में ले गए जहां इन्हें चार दिनों तक रखा गया. इसके बाद सोमवार को इन्हें छोड़ दिया गया.

बता दें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान गधों को लेकर राजनीति खूब गर्म रही थी. चुनाव प्रचार के दौरान रायबरेली में एक जनसभा में अखिलेश यादव ने कहा था कि गुजरात पर्यटन के विज्ञापन पर तंज कसते हुए कहा था, ‘एक गधे का विज्ञापन आता है. मैं सदी के महानायक से अपील करता हूं कि वह गुजरात के गधों का प्रचार न करें.’ इसके बाद पीएम मोदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अगर दिल-दिमाग साफ हो तो किसी से भी प्रेरणा ली जा सकती है. पीएम ने कहा कि गधा अपने मालिक का वफादार होता है. कम खर्चे में पूरा काम करता है. गधा कितना भी बीमार हो, कितना भी थका हुआ हो, मालिक अगर काम लेता है तो बीमारी के बावजूद वह काम पूरा करता है.