लखनऊ: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में 14 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने पहुंच रहे हैं. इसके शिलान्यास को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के बीच सियासत शुरू हो गई है. अखिलेश के हमले पर योगी सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें (अखिलेश यादव को) हर अच्छी योजनाओं का श्रेय लेने की आदत पड़ गई है.
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए महाना ने गुरुवार को कहा कि उन्हें हर अच्छी योजनाओं का श्रेय लेने की आदत पड़ गई है. अपने समय में तो उन्होंने कुछ काम किया नहीं, अब हर परियोजना का श्रेय खुद ही ले लेने का काम कर कर रहे हैं. लखनऊ में विधानभवन स्थित कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए महाना ने यह बातें कही. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जुलाई को आजमगढ़ में पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने पहुंच रहे हैं. अखिलेश यादव ने अपने एक बयान में कहा है कि वह समाजवादी पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास पहले ही कर चुके हैं.
सपा सरकार में यूपी में आने से कतरा रहे थे निवेशक
अखिलेश के इस बयान के बाद औद्योगिक मंत्री सतीश महाना ने कहा कि जिसके समय में उत्तर प्रदेश में निवेशक आने से कतरा रहे थे, वे आज पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास की बात कर रहे हैं. महाना ने कहा कि राज्य में 19 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सरकार बनने के बाद से ही सरकार ने बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के काम किया है. यही नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए हर कोई इच्छुक है.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चैधरी ने बताया है कि 22 दिसम्बर 2016 को समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास समाजवादी सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने किया था। https://t.co/TfMSyN9vmR pic.twitter.com/F5ncGAyF3r
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) July 11, 2018
अखिलेश सरकार ने 14,299 करोड़ का टेंडर जारी कर आधी-अधूरी परियोजना का किया था शिलान्यास
सतीश महाना ने कहा कि अखिलेश यादव जिस पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास की बात कर रहे हैं, उसमें उनकी तैयारी आधी-अधूरी थी. उनके समय में जमीन के अधिग्रहण के बिना ही सिविल टेंडर जारी कर दिए गए थे, जबकि नियम यह है कि जब तक एक्सप्रेस-वे की 90 फीसदी जमीन का अधिग्रहण नहीं हो जाता है तब तक टेंडर जारी नही किए जाते हैं. महाना ने कहा कि अखिलेश सरकार ने 14,299 करोड़ रुपये का टेंडर आनन-फानन में जारी कर आधी-अधूरी परियोजना का शिलान्यास किया था, लेकिन जुलाई 2018 में योगी सरकार ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए काम किया. हमारी सरकार ने 12,784 करोड रुपये का टेंडर जारी किया और 95 फीसदी से अधिक जमीन का अधिग्रहण हो गया है.
हमारी सरकार के टेंडर में 1515 करोड़ रुपये की बचत हुई
उन्होंने कहा कि अखिलेश के समय में हुए टेंडर और हमारी सरकार के समय में हुए टेंडर में 1515 करोड़ रुपये की बचत हुई है. क्या इसी पैसे की बंदरबांट के लिए आनन-फानन में एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया गया था? उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सिस्टेमेटिक तरीके से पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे पर काम किया है. तब जाकर हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं कि प्रधानमंत्री 14 जुलाई को इसका शिलान्यास करने आ रहे हैं.
सैमसंग इंडिया को लेकर अखिलेश का बयान पूरी तरह गलत: महाना
नोएडा में सैंमसंग इंडिया के प्रोजेक्ट को लेकर भी सतीश महाना ने सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश ने यह भी कहा है कि सैमसंग इंडिया ने उनके समय में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया, लेकिन यह पूरी तरह से गलत है. महाना ने कहा कि सरकार बनने के बाद सैंमसंग के अधिकारियों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हुई और उसके बाद कैबिनेट के माध्यम से 4915 करोड़ के प्रोजेक्ट पर मुहर लगी. आज स्थिति यह है कि सैमसंग उत्तर प्रदेश में अपना निवेश बढ़ाने के लिए तैयार है.
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