नई दिल्ली: आध्यात्मिक नगरी वाराणसी में आज से तीन दिवसीय ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ (Pravasi Bharatiya Diwas 2019) शुरू हो रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार है. ‘काशी का आतिथ्य’ विचार के तहत स्थानीय लोगों से भारतवंशी अतिथियों, आगंतुकों को ठहरने की सुविधा प्रदान करने का अनुरोध किया गया ताकि उन्हें ऐतिहासिक शहर बनारस के लोगों से रूबरू होने का मौका मिल सके. प्रवासी दिवस समारोह की व्यवस्था पर नजर रख रहे उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आगंतुकों की यात्रा को यादगार बनाने के लिए बनारस में पर्याप्त इंतजाम किये गए हैं.

होटल और टेंट सिटी के अलावा शहर के कई परिवारों ने अतिथि देवो भव: की भावना के साथ आने वालों को आतिथ्य सुविधा प्रदान करने की इच्छा प्रकट की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहमानों को ठहराने के लिए परिवारों को अनुमति देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. वाराणसी जिला प्रशासन के सूत्रों ने कहा कि निशुल्क ठहरने की सुविधा प्रदान करने के लिए सैकड़ों परिवारों को चुना गया है. एक ऐप्प भी बनाया गया है जिसपर इसके लिए पंजीकरण किया गया है. काशी के ये परिवार अतिथियों को खाना भी मुहैया कराएंगे.

प्रशासन ने कहा था कि वे परिवहन सुविधा के बारे में विचार करेंगे, लेकिन कुछ लोगों ने अतिथियों को एयरपोर्ट पर वाहन की सुविधा देने के प्रति भी उत्साह दिखाया है. विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के जरिए खुद को पंजीकृत कराने वाले आगंतुकों से उनके ठहरने को लेकर पसंद के बारे में पूछा गया और उनमें से बड़ी संख्या में लोगों ने ‘काशी-वासियों’ की मेजबानी को तरजीह दी है. अतिथियों को घर का बना खाना मिलेगा और उन्हें घर का माहौल भी मिलेगा. इसके अलावा वे बनारस की रोजमर्रा की गतिविधि से भी अवगत हो पाएंगे.

इस साल प्रवासी दिवस मेहमानों के लिए अनूठा अनुभव लेकर आया है क्योंकि इसी वक्त प्रयागराज में कुंभ का आयोजन हो रहा है और गणतंत्र दिवस समारोह भी होना है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक कुल 5802 लोगों ने तीन दिवसीय आयोजन के लिए खुद को पंजीकृत कराया है. प्रवासी दिवस के बाद अतिथियों को 24 जनवरी को कुंभ मेला ले जाया जाएगा. वहां पर टेंट सिटी का भी निर्माण किया गया है. दूसरे देशों से आने वाले मेहमान 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड का भी साक्षी बन पाएंगे.