लखनऊ: प्रयाग कुम्भ-2019 के मद्देनजर पतित पावनी गंगा की निर्मल जलधारा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी टेनरी (चमड़ा फैक्ट्री) को तीन माह तक बन्द रखा जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल होने वाले प्रयाग कुम्भ के मद्देनजर गंगा को साफ रखने के के लिए निर्मल जलधारा सुनिश्चित की जाए. उन्होंने निर्देश दिये कि सभी टेनरियों को 15 दिसम्बर, 2018 से 15 मार्च, 2019 तक बन्द रखा जाए. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि गढ़मुक्तेश्वर से लेकर काशी तक गंगा में किसी भी प्रकार का कचरा अथवा अपशिष्ट नहीं गिरे, ताकि कुम्भ के दौरान साधु-सन्तों तथा स्नानार्थियों को स्वच्छ एवं निर्मल जलधारा स्नान के लिए मिल सके. Also Read - महादेव की भक्ति में तल्लीन हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, किया दुग्धाभिषेक, जानें क्या है वजह

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एक सरकारी प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार शाम यहां शास्त्री भवन में कानपुर की टेनरी की हटाने, अमृत, स्मार्ट सिटी एवं नमामि गंगे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि कानपुर के जाजमऊ में वर्तमान में इस क्षेत्र में 264 टेनरी कार्यरत हैं, जबकि 136 टेनरियां बन्द हो चुकी हैं. जाजमऊ के वर्तमान सीईटीपी को यदि उच्चीकृत किया जाता है तो इस पर अनुमानित लागत 554 करोड़ रुपये आयेगी. यह भी सुझाव दिया गया कि इस सीईटीपी को रमईपुर में स्थापित किये जा रहे नवीन मेगा लेदर क्लस्टर में स्थानान्तरित किया जा सकता है.

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कचरा शोधन संयंत्र के संचालन पर आधी धनराशि टेनरियों से वसूलें

मुख्यमंत्री ने कचरा शोधन संयंत्र (सीईटीपी) के संचालन पर होने वाले वार्षिक व्यय के विषय में कहा कि इसमें से आधी धनराशि शासन वहन करेगा, जबकि आधी टेनरियों से वसूली जाये. उन्होंने कहा कि हर टेनरी की क्षमता के अनुसार धनराशि का निर्धारण किया जाए. उन्होंने जाजमऊ स्थित टेनरियों और रमईपुर में स्थापित किये जा रहे लेदर क्लस्टर के सिलसिले में आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों से विचार-विमर्श करने के भी निर्देश दिये, ताकि इनसे होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके. टेनरियों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण मानकों को सख्ती से लागू किया जाए. टेनरियों द्वारा छोड़े जा रहे छोड़े जा रहे अपशिष्ट की लगातार निगरानी की जाये और इससे सम्बन्धित साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध करायी जाये.  (इनपुट एजेंंसी)