लखनऊ: इस साल उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद कैदी सोमवार को भाई-दूज के मौके पर अपने भाई-बहनों से नहीं मिल पाएंगे. राज्य सरकार ने महामारी को देखते हुए इस संबंध में राज्य की सभी 71 जेलों को निर्देश भेजे हैं. हालांकि कैदियों के रिश्तेदार उन्हें लिफाफे में ‘टीका’ और उपहार भेज सकते हैं जो कैदियों तक पहुंचा दिए जाएंगे. Also Read - Lockdown in Rajasthan: अब राजस्थान में 31 दिसंबर तक लगा लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू, नहीं खुलेंगे स्कूल, देखें नई गाइडलाइन

महानिदेशक (जेल) आनंद कुमार द्वारा जारी किए गए निर्देशों में कहा गया है कि कैदियों के रिश्तेदार की ओर से आए उपहार लिफाफे में रखे होने चाहिए. उस पर कैदी का नाम, पिता का नाम और रिश्तेदार का विवरण होना चाहिए. इसके अलावा जेलों के बाहर हेल्पडेस्क भी स्थापित की जाएगी. Also Read - India Covid-19 Updates: देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 94 लाख के पार, बीते 24 घंटे में 38,772 नए केस और 443 की मौत

कैदियों को ये उपहार देने से पहले उनकी अच्छी तरह से जांच की जाएगी और उन्हें सैनेटाइज किया जाएगा. कुमार ने इस मौके पर कैदियों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है. अब तक राज्य की जेलों में 1,500 से ज्यादा कैदी कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं. Also Read - राजस्थान की BJP विधायक किरण माहेश्वरी का कोरोना संक्रमण से निधन

बता दें कि हर साल भाई दूज और रक्षा बंधन पर जेल के कैदियों के भाई-बहन अपने भाइयों या बहनों को बधाई देने के लिए बड़ी संख्या में जेल आते हैं. इससे पहले इस साल रक्षा बंधन पर भी राज्य सरकार ने कैदियों को रिश्तेदारों से मिलने की अनुमति नहीं दी थी और राखियां हेल्प डेस्क पर छोड़ने के लिए कहा था.