लखनऊ: इस साल उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद कैदी सोमवार को भाई-दूज के मौके पर अपने भाई-बहनों से नहीं मिल पाएंगे. राज्य सरकार ने महामारी को देखते हुए इस संबंध में राज्य की सभी 71 जेलों को निर्देश भेजे हैं. हालांकि कैदियों के रिश्तेदार उन्हें लिफाफे में ‘टीका’ और उपहार भेज सकते हैं जो कैदियों तक पहुंचा दिए जाएंगे.Also Read - Delhi में थम रही कोरोना की रफ्तार! बीते 24 घंटे में संक्रमण के नए मामलों से ज्यादा लोग हुए ठीक; पॉजिटिविटी दर में भी गिरावट

महानिदेशक (जेल) आनंद कुमार द्वारा जारी किए गए निर्देशों में कहा गया है कि कैदियों के रिश्तेदार की ओर से आए उपहार लिफाफे में रखे होने चाहिए. उस पर कैदी का नाम, पिता का नाम और रिश्तेदार का विवरण होना चाहिए. इसके अलावा जेलों के बाहर हेल्पडेस्क भी स्थापित की जाएगी. Also Read - Corona Update: कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच केंद्र का राज्यों को जल्द से जल्द जांच बढ़ाने का निर्देश

कैदियों को ये उपहार देने से पहले उनकी अच्छी तरह से जांच की जाएगी और उन्हें सैनेटाइज किया जाएगा. कुमार ने इस मौके पर कैदियों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है. अब तक राज्य की जेलों में 1,500 से ज्यादा कैदी कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं. Also Read - Uttarakhand Lockdown Update: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच उत्तराखंड के इस शहर में शनिवार को रहेगा संपूर्ण लॉकडाउन

बता दें कि हर साल भाई दूज और रक्षा बंधन पर जेल के कैदियों के भाई-बहन अपने भाइयों या बहनों को बधाई देने के लिए बड़ी संख्या में जेल आते हैं. इससे पहले इस साल रक्षा बंधन पर भी राज्य सरकार ने कैदियों को रिश्तेदारों से मिलने की अनुमति नहीं दी थी और राखियां हेल्प डेस्क पर छोड़ने के लिए कहा था.