नई दिल्लीः पूरा देश कोरोना वायरस(Coronavirus) के खिलाफ एक जंग लड़ रहा है. देश का लगभग हर एक राज्य कोरोना की चपेट में है. कुछ राज्य ऐसे भी हैं जो हाल ही में कोरोना संक्रमण से पूरी तरह से मुक्त हो गए हैं. उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में भी लॉकडाउन के बावजूद कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. अब इस बारे में प्रियंका गांधी वाड्रा(Priyanka Gandhi Vadra) ने योगी सरकार को कुछ सुझाव दिए हैं. Also Read - COVID 19 Cases In India: 1 दिन में 53 हजार से अधिक लोग हुए कोरोना संक्रमित, 1,422 लोगों की हुई मौत

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस जांच की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए शनिवार को कहा कि इस मामले में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए क्योंकि आंकड़ा और सच्चाई छिपाना घातक साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ(CM Yogi Adityanath) सरकार को पूरी स्थिति की सही जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए ताकि जनता और प्रशासन कोरोना के खिलाफ एकजुट होकर लड़ सके. Also Read - Covid 19 Vaccine: 18 साल से अधिक की आयु वालों को मुफ्त में लगेगी कोरोना की वैक्सीन, क्या करें-क्या न करें, यहां जानें

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने ट्वीट किया, ‘‘उप्र में जांच को लेकर काफी लोग चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं. कोरोना से लड़ाई में पारदर्शिता बड़े काम की चीज है. सर्व समाज और सरकार मिलकर ही इस महामारी को शिकस्त दे सकते हैं.’’ Also Read - International Yoga Day 2021 Live: योगमय देश-दुनिया, ऐसे मनाया जा रहा 7वां योग डे

उन्होंने दावा किया, ‘‘ पूरी दुनिया मान चुकी है कि ढंग से और ज्यादा से ज्यादा जांच करना ही कोरोना के रोकथाम की कुंजी है. उप्र सरकार ने दो दिनों से जांच की संख्या बताना बंद कर दिया है.’’ प्रियंका ने कहा कि जांच को लेकर पूरी तरह तरह पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि जनता को जानकारी मिले और समाज एवं प्रशासन इस महामारी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ पाएं.

उन्होंने कहा, ‘‘ आंकड़े और सच्चाई छिपाने से यह समस्या और घातक हो जाएगी. उप्र सरकार को यह जल्द से जल्द से समझना होगा. प्रदेश के किस लैब में कितनी जांच हो रही है, सभी लैब कि प्रतिदिन जांच की क्षमता क्या है, यह आंकड़ा जनता के समक्ष रखना जरूरी है.’’

उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश में जांच पूल टेस्टिंग (एकसाथ कई नमूनों की जांच) नियमों का पालन करते हुए होनी चाहिए और पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए. प्रियंका ने यह भी कहा, ‘‘पृथक-वास केंद्रों में विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशानिर्देशों का पालन करना जरूरी है. पृथक-वास की अवधि पूरी करके जाने वालों की दोबारा जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए.’’