लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली में आवंटित सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस मिलने के बाद उनके लखनऊ में स्थायी तौर पर रहने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. प्रियंका गांधी का नया आशियाना अब दिवंगत कांग्रेस नेता शीला कौल का लखनऊ के गोखले मार्ग स्थित आवास हो सकता है. Also Read - डीन जोन्‍स: क्रिस लिन के जाने के बाद KKR इस U-19 स्‍टार को दे ओपनिंग में मौका

बता दें कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने प्रियंका का नई दिल्ली के लोधी एस्टेट स्थित सरकारी आवास का आवंटन बुधवार को रद्द कर दिया था. मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रियंका को यह बंगला स्पेशल प्रोटक्शन ग्रुप (एसपीजी) की सुरक्षा मिलने के कारण आवंटित हुआ था. अब यह सुरक्षा वापस ले लिए जाने की वजह से वह इस बंगले में रहने की हकदार नहीं रह गई हैं, लिहाजा उनका आवंटन रद्द किया गया है. प्रियंका को लोधी एस्टेट स्थित बंगला संख्या 35 का आवंटन 21 फरवरी 1997 को किया गया था. उस वक्त उन्हें एसपीजी की सुरक्षा मिली हुई थी. Also Read - सुशांत का पहला TV Shot हो रहा है VIRAL, इस Unseen Video में देखिए एक्टर का हीरोइक अंदाज़ 

प्रियंका के लखनऊ में स्थायी तौर पर रहने की संभावनाओं को लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है. उन्हें उम्मीद है कि इससे विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी के अभियान को और तेजी मिलेगी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बताया कि प्रियंका का लखनऊ में रहने का कार्यक्रम करीब छह महीने पहले ही तय हो गया था. अब दिवंगत कांग्रेस नेता शीला कौल का लखनऊ के गोखले मार्ग स्थित आवास प्रियंका का नया आशियाना होगा. Also Read - एमएस धोनी की टीम को कपिल देव, सौरव गांगुली की वजह से मिला 'जीत का विश्वास' : मनिंदर सिंह

कौल हाउस राजधानी लखनऊ के प्राग नारायण मार्ग स्थित बेहद पॉश इलाके में है. यह आलीशान बंगला कांग्रेस की दिवंगत नेता शीला कौल का है. शीला प्रियंका की दादी इंदिरा गांधी की मामी थीं.

प्रियंका लखनऊ में रहने के लिए कब आएंगी, इस बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि वह इसी महीने लखनऊ में आकर बस सकती हैं. इस बीच, प्रियंका के लखनऊ में ठहरने के लिए ‘कौल हाउस’ के रंग रोगन और मामूली मरम्मत का काम पूरा किया जा चुका है.

कांग्रेस के प्रदेश मीडिया संयोजक ललन कुमार ने बताया कि कौल हाउस में मरम्मत का कोई काम हाल फिलहाल नहीं हुआ है. प्रियंका जब पिछले साल यहां ठहरी थीं, उससे पहले ही उसका मरम्मत इत्यादि का काम पूरा हो चुका था. उन्होंने कहा कि अगर प्रियंका को नोटिस नहीं भी मिलता तो भी वह लखनऊ में आकर रहतीं. वह उत्तर प्रदेश में अब महीने के 20-22 दिन रहा करेंगी. यह बात छह महीने पहले ही तय हो गई थी.

मीडिया संयोजक कुमार ने बताया कि यह भी तय किया गया है कि प्रियंका पूरे राज्य का व्यापक दौरा करेंगी और सारा कामकाज लखनऊ से संभालेंगी. पिछले लोकसभा चुनाव से ऐन पहले पार्टी महासचिव बनाई गईं प्रियंका को जब उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपा गया था, तब तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि प्रियंका को तीन-चार महीने के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक योजना के तहत जिम्मेदारी दी गई है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश के गरीबों, मजदूरों, मजलूमों, छात्रों और नौजवानों की नई आस बन चुकी प्रियंका की लोकप्रियता से घबराकर उन्हें दिल्ली स्थित बंगला खाली करने का नोटिस दिया है. ऐसा कर भाजपा ने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है. अब प्रियंका लखनऊ में रहकर प्रदेश की भाजपा सरकार से सीधी टक्कर लेंगी.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रियंका के लखनऊ आने की चर्चा से पार्टी कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह है, वहीं विरोधियों में बेचैनी पैदा हो गई है. उन्होंने कहा कि प्रियंका के लखनऊ में बसने से उत्तर प्रदेश में सरकार और सही मायनों में विपक्ष का फर्ज निभा रही एकमात्र पार्टी यानी कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर होगी. प्रदेश सरकार की हर नाकामी पर उसे घेरने के लिए कांग्रेस को अब प्रियंका का बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा.