नई दिल्ली/लखनऊ: प्रियंका गांधी वाड्रा की आखिरकार सक्रिय सियासत में एंट्री हो गई है. उन्हें कांग्रेस पार्टी का महासचिव बनाए जाने के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी बनाया गया है. प्रियंका की पॉलिटिक्स में एंट्री को लेकर कांग्रेस में उत्साह है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रियंका की तुलना इंदिरा गांधी से की है. पोस्टर्स में इसे इंदिरा गांधी की वापसी बताया है.

प्रियंका की कांग्रेस में एंट्री पर बीजेपी का हमला, कहा- फेल हुए राहुल ने बहन को बनाया बैशाखी

आज ही राहुल गांधी ने बहन प्रियंका गांधी को कांग्रेस का महासचिव बनाए जाने का एलान किया है. इस फैसले पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. बीजेपी ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए परिवार को और आगे बढ़ाने का आरोप लगाया है. वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है. कांग्रेस कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं. दिल्ली में आतिशबाजी चलाकर जश्न मनाया जा रहा है. यूपी की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘इंदिरा इज बैक’ के पोस्टर लगा दिए हैं. यही नहीं पोस्टर्स पर लिखा गया है कि ‘उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार रूपी असुरों का संहार करने के लिए मां दुर्गा का अवतार, प्रियंका गांधी को प्रभार देने को राहुल गांधी को आभार.’


प्रियंका गांधी की कांग्रेस में आधिकारिक एंट्री, सौंपी गई ये अहम जिम्मेदारी

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मानना है कि प्रियंका गांधी के आने से कांग्रेस को फायदा होगा. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है जो उनकी ‘असफलता’ को दर्शाता है. बीजेपी ने निशाना साधते हुए कहा कि प्रियंका गांधी का चुनाव से पहले आना राहुल की नाकामी है. बीजेपी के कई नेताओं ने प्रियंका की कांग्रेस में एंट्री को लेकर निशाना साधा है. इसे लेकर सियासत तेज हो गई है.