नई दिल्ली: लॉकडाउन के चलते दूसरे प्रदेशों में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों की वापसी अपने अपने राज्यों में लगातार जारी है. डेढ़ महींने से ज्यादा वक्त से लगे लॉकडाउन कीवजह से छोटे कामगरों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उत्तर प्रदेश की सरकार भी अपने मजदूरों की वापसी के लिए तत्पर है और अभी तक चार लाख से अधिक मजदूर वापस लाए जा चुके हैं. इस बीच प्रियंका गांधी वाड्रा ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर 11 सुझाव दिए हैं. Also Read - लॉकडाउन बढ़ने की बात सुन महिला ने खाया ज़हर, ससुराल से मायके न जा पाने से थी परेशान

प्रियंका गांधी ने अपने पत्र के माध्यम से बताया कि आखिर किस प्रकार से किसानों और वापस आ रहे गरीब मजदरों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को बदला जा सकता है. प्रियंका गांधी ने कहा कि घरों में लगने वाली ब्याज दर को शून्य करने की आवश्यकता है Also Read - यूपी में लॉकडाउन को लेकर नए नियम जारी, अब दिल्ली से नोएडा-गाजियाबाद आने का फैसला DM लेंगे

इसके साथ ही कांग्रेस महासचिव ने राज्य सरकार से ईएमआई पर 6 महीनें के लिए बाध्यता खत्म करने का भी सुझाव दिया. उन्होंने कहा जब एक तरफ लोगों की सैलरी कट रही है तो ऐसे में ईएमआई की बाध्यता खत्म होने से काफी राहत मिलेगी.

उन्होंने यह भी आग्रह किया कि किसानों के चार महीनों के ट्यूबवेल तथा घर के बिजली बिल माफ किए जाएं। उनके बक़ाया बिजली बिलों पर भी पेनल्टी व ब्याज माफ किए जाएं.प्रियंका ने कहा, ‘‘ किसानों के लोन पर भी चार महीने का ब्याज माफ हो.

उनके किसान क्रेडिट कार्ड तथा अन्य ऋण पर कटी हुई आर-सी पर तुरंत रोक लगायी जाए और उसपर भी जुर्माना और ब्याज माफ किया जाए.’’ उन्होंने मांग की कि कि किसानों की सम्पूर्ण फसल ख़रीदने की गारंटी की जाए. गन्ना सहित सारे भुगतान तुरंत किए जाएं.

प्रियंका गांधी ने बुनकारों की भलाई के लिए प्रति परिवार को 12 हजार रुपये हर्जानें के रूप में देने की बात भी कही.

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘ शिक्षा मित्र, आशा बहनें, आंगनबाड़ी कर्मी, रोजगार सेवक/पंचायत मित्र व अन्य संविदा कर्मी जो कोरोना संकट में हर स्तर पर अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं, उन्हें एक प्रोत्साहन राशि दी जाए और एक महीने का वेतन बोनस के रूप में दिया जाए जिससे वो अपने को सुरक्षित महसूस कर सकें तथा और अधिक मेहनत व लगन से काम करें.’’