झांसी: पुलिस मुठभेड़ में कथित तौर पर मारे गए युवक के भाई का कहना है कि मामले की जांच के सिलसिले में उसके परिवार से पुलिस बात नहीं कर रही है. पुलिस मुठभेड़ में पांच अक्टूबर को मारे गए पुष्पेन्द्र यादव के भाई रविन्द्र ने यहां संवाददाताओं को बताया कि उनकी बात सुनने को कोई तैयार नहीं है. जांच के सिलसिले में किसी ने उनसे संपर्क नहीं किया है.

रविन्द्र केन्द्रीय औद्योगिक पुलिस बल (सीआईएसएफ) में जवान हैं और दिल्ली में तैनात हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है जबकि सच्चाई यह है कि वह घटना के वक्त डयूटी पर थे.

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पुलिस अधीक्षक ओ पी सिंह ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच चल रही है. पुलिस ने सही कदम उठाया है और जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आए, उन्हें शामिल किया है. अगर परिवार वालों की कोई शिकायत आती है तो उसे भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा.

पुलिस के अनुसार पुष्पेन्द्र अवैध बालू खनन में लिप्त था. वह गुरसराय थानाक्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारा गया था. पुलिस का दावा है कि पुष्पेन्द्र ने मोठ के थाना प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह चौहान पर फायरिंग की थी. छह अक्टूबर को मोठ और गुरसराय थानों में पुष्पेन्द्र, विपिन और रविन्द्र के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं.

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वहीं इस माले ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुठभेड़ को फर्जी करार देते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने पुष्पेन्द्र की हत्या की. साथ ही उन्होंने योगी आदित्यनाथ की सरकार और प्रदेश में बिगड़ रही कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए.

(इनपुट-भाषा)