गंगा स्‍नान व बाबा विश्‍वनाथ के दर्शन के लिए रेलवे का श्रद्धालुओं को तोहफा, चलाई बक्सर-वाराणसी ट्रेन

बिहार के बक्सर में 16 बोगियों वाली मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (मेमू) ट्रेन सुबह छह बजकर 15 मिनट पर अपनी यात्रा शुरू करेगी और सुबह नौ बजकर 45 मिनट पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंचेगी.

Updated: November 29, 2018 6:43 AM IST

By India.com Hindi News Desk | Edited by sujeet kumar upadhyay

गंगा स्‍नान व बाबा विश्‍वनाथ के दर्शन के लिए रेलवे का श्रद्धालुओं को तोहफा, चलाई बक्सर-वाराणसी ट्रेन
Representational Image

लखनऊ: गंगा में पवित्र स्नान और भगवान विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को वाराणसी लेकर जाने वाली एक विशेष ट्रेन के लिए बक्सर में जनता की मांग पूरी करते हुए रेलवे ने बुधवार को एक मेमू ट्रेन शुरू की, जो दोनों शहरों को जोड़ेगी.

Also Read:

बिहार के बक्सर में 16 बोगियों वाली मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (मेमू) ट्रेन सुबह छह बजकर 15 मिनट पर अपनी यात्रा शुरू करेगी और सुबह नौ बजकर 45 मिनट पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंचेगी. रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. सिन्हा ने कहा कि लोग सुबह छह बजकर 15 मिनट पर अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं और दस बजे तक पहुंच सकते है. इसके बाद वे भगवान विश्वनाथ के दर्शन कर सकते हैं, गंगा में स्नान कर सकते हैं और शाम छह बजकर 45 मिनट पर वापसी की यात्रा शुरू करके रात 10 बजे तक बक्सर लौट सकते हैं. 16 बोगियों वाली मेमू ट्रेन में 1,500 लोगों को ले जाने की क्षमता है.

GOOD NEWS: कुंभ से पहले इलाहाबाद और लखनऊ के बीच चलेगी सुपरफास्ट ट्रेन, दिल्‍ली के लिए अंत्‍योदय

बक्‍सर से सीधे पहुंचे काशी

इस मौके पर बक्सर से सांसद एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि आज बक्सर के लोगों के लिए खुशी का क्षण है क्योंकि इस सीधी ट्रेन से उन्हें काशी जाने में मदद मिलेगी. यह उल्लेखनीय है कि इस सरकार के कार्यकाल के दौरान बक्सर में कई विकास कार्य किए गए. चौबे ने यह भी प्रस्ताव दिया कि मेमू में मुनि विश्वमित्र और भगवान राम के चित्र लगे होने चाहिए ताकि हिंदू देवता से बक्सर के जुड़ाव का देशभर में प्रचार किया जा सके.

अब नहीं चलेगी गरीब रथ, इसकी जगह नई ट्रेन से जेब पर भारी पड़ेगा रेलवे का फैसला

भगवान राम की कर्मभूमि है बक्‍सर: चौबे

उन्होंने कहा कि हालांकि अयोध्या भगवान राम की जन्म भूमि है लेकिन बक्सर उनकी ‘कर्मभूमि’ है. यहां पर उन्होंने प्रशिक्षण लिया. बहरहाल, सिन्हा ने इस अनुरोध पर कोई वादा नहीं किया. उन्होंने कहा कि यह ट्रेन कई ऐतिहासिक महत्व के शहरों से होकर गुजरेगी और किसी खास थीम पर इस पर तस्वीरें बनाना दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है.

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें बिहार समाचार की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

Published Date: November 29, 2018 6:42 AM IST

Updated Date: November 29, 2018 6:43 AM IST