लखनऊ: उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा इकाई ने शुक्रवार को सेक्टर 62 के पास से रेलवे भर्ती बोर्ड ग्रुप डी की ऑनलाइन परीक्षा में अभ्यर्थियों की जगह प्रश्नपत्र हल करने वालों को बैठाने वाले एक गिरोह के सरगना सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया.

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में रेलवे का एक कर्मचारी भी शामिल है. पुलिस ने इन लोगों के पास से चार लाख 51 हजार रुपए नकद, तीन कारें, 100 से ज्यादा प्रवेशपत्र, 50 आधार कार्ड, आठ मोबाइल फोन आदि बरामद किये हैं. पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में 200 से ज्यादा अभ्यर्थियों से दो करोड़ रूपये से ज्यादा पैसे लेकर उनके स्थान पर प्रश्नपत्र हल करने वालों को बैठाने की बात स्वीकार की है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर नोएडा एसटीएफ इकाई ने सेक्टर 62 के पास छापा मारा. पुलिस ने वहां से सात लोगों को गिरफ्तार किया.

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उन्होंने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम संजीत दहिया पुत्र खजान सिंह निवासी सोनीपत हरियाणा, सुमित कुमार निवासी जनपद बागपत, सुबोध कुमार पुत्र गंधारी पासवान निवासी जनपद नालंदा (बिहार), गजेंद्र कुमार पुत्र बिजेन्दर निवासी जनपद नालंदा (बिहार), सनी कुमार निवासी जनपद नालंदा (बिहार), नवीन कुमार निवासी सोनीपत हरियाणा, विक्रांत निवासी छपरौली, बागपत बताये हैं.

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दिल्‍ली यूनिवर्सिटी का ग्रेजुएट है गिरोह का मास्‍टर माइंड
उन्होंने बताया कि इस गिरोह का सरगना संजीत दहिया हैं. वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक है. उन्होंने बताया कि एक अन्य आरोपी सुमित रेलवे में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है. मौजूदा समय में वह बागपत जिले के छपरौली में रेलवे ट्रैकमैन के पद पर कार्यरत है. वह कुश्ती में राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुका है. उसकी रेलवे में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती हुई है. सीओ ने बताया कि ये लोग प्रत्येक अभ्यर्थी से दो से छह लाख रुपये लेकर उसकी जगह पर प्रश्नपत्र हल करने वाले को बैठाते थे.

दो करोड़ से ज्‍यादा की रकम ले चुका है सॉल्‍वर गैंग
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए तैयारी करने वाले युवकों से ये लोग संपर्क करके उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं. पुलिस को पता चला है कि इन लोगों ने अभी तक 200 से ज्यादा अभ्यर्थियों की जगह प्रश्नपत्र हल करने वाले अपने लोगों को बैठाकर, दो करोड़ रूपये से ज्यादा की रकम अर्जित की है. उन्होंने बताया कि ये लोग वर्ष 2012 से इस धंधे में संलिप्त हैं. इन लोगों ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, नोएडा के कई सेक्टरों पर वास्तविक अभ्यर्थी की जगह प्रश्नपत्र हल करने वालों को बैठाने की बात स्वीकार की है. (इनपुट एजेंसी)