लखनऊ: यूपी के पूर्वी इलाकों में जल्द ही फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है. आंचलिक मौसम केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ इलाकों में बारिश हुई. इस दौरान भिनगा और वाराणसी में तीन-तीन सेंटीमीटर, कन्नौज, मेरठ, अलीगढ़, खैर, बहेड़ी, मथुरा तथा बागपत में एक-एक सेंटीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई. अगले 24 घंटों के दौरान राज्य में कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है, लेकिन अगले दो दिनों के दौरान राज्य के खासकर पूर्वी भागों में मानसून के फिर से जोर पकड़ने की संभावना है.

इस दौरान पूर्वी हिस्सों के अनेक इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. इस अवधि में पश्चिमी भागों में कुछ जगहों पर भी वर्षा हो सकती है. इस बीच, केंद्रीय जल आयोग मुताबिक प्रदेश में गंगा, घाघरा, शारदा और केन समेत विभिन्न नदियां उफान पर हैं. घाघरा नदी एल्गिनब्रिज, अयोध्या और तुर्तीपार में अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. गंगा नदी का जलस्तर फर्रुखाबाद और बलिया में लाल चिह्न के पार बना हुआ है. केन नदी बांदा में और शारदा नदी पलियाकलां में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इसके अलावा क्वानो नदी का जलस्तर चंद्रदीपघाट में लाल चिह्न के पार बना हुआ है. फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा नदियों का रौद्र रूप बना हुआ है.

बांधों से भी भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है. गंगा नदी जहां खतरे के निशान के ऊपर बनी हुई है वहीं रामगंगा के जलस्तर में कमी आई है लेकिन कटान की आशंका से लोग खौफजदा हैं. सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने शनिवार बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने के बाद देर शाम संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तबाही नहीं होने दी जाएगी. परियोजनाओं का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा. साथ ही तटबंधों की मरम्मत के लिये 34 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए गए हैं. मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ समाप्त होने के बाद सर्वे करवाकर हुए नुकसान की सूची बनाई जाए. उन्होंने 51 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भी बांटी.