बलियाः उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता रामगोविंद चौधरी ने रविवार को कहा कि शिवपाल सिंह यादव यदि अपने दल को भंग कर सपा में फिर शामिल हो जाते हैं तो सपा उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने को लेकर दायर याचिका वापस लेने पर विचार करेगी. चौधरी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए दावा किया कि सपा ने शिवपाल यादव के मामले में बेहद धैर्यपूर्वक काम किया है. Also Read - यूपी में जगह-जगह बम रखे होने की अफवाह, कई जिलों में धारा 144 लगाई गई, पुलिस सतर्क

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सपा में विवाद होने और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के विरुद्ध बयानबाजी करने के बावजूद 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट दिया गया. उन्होंने कहा कि सपा से विद्रोह कर शिवपाल अपने भतीजे अक्षय यादव के विरुद्ध फिरोजाबाद से अपनी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) से लोकसभा चुनाव लड़े.

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चौधरी ने कहा कि उन्होंने जसवंत नगर से सपा विधायक शिवपाल की विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने को लेकर याचिका दाखिल की है. अगर शिवपाल अपने दल प्रसपा को भंग कर सपा में शामिल हो जाते हैं तो सपा उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने को लेकर दायर याचिका वापस लेने पर विचार करेगी.

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उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रसंघ को खत्म कर छात्र परिषद लागू करने के फैसले को छात्र अधिकारों पर कुठाराघात करार दिया और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ‘‘सत्ता के मद में चूर होकर तानाशाही’’ पर उतर आयी है.