अयोध्या: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बाबरी विध्वंश की बरसी पर गुरूवार को कहा कि भाजपा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए दोनों पक्षों के बीच सहमति को शीर्ष प्राथमिकता देती है. मौर्य ने भाजपा की सहयोगी शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे की टिप्पणी के लिए उन्हें निशाने पर लेते हुए कहा कि राम लला को कोई जेल में नहीं रख सकता. उधर विवादित ढांचे (बाबरी मस्जिद) को गिराए जाने की 26 वीं बरसी को लेकर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था इंतजाम बेहद कड़े किए गए हैं.

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राम लला अनादि अनंत हैं
बता दें कि उद्धव ठाकरे ने पिछले महीने अयोध्या के दो दिवसीय प्रवास के दौरान कहा था कि जब वह उस जगह गए, जहां राम लला हैं तो लगा कि वह जेल में जा रहे हैं. मौर्य ने कहा, ‘मैं राम जन्मभूमि आंदोलन से जुडा रहा हूं. कोई राम लला को जेल में नहीं रख सकता और कोई भी मंदिर निर्माण को नहीं रोक सकता. ठाकरे जी के आरोप सच्चाई से परे हैं. राम लला अनादि अनंत हैं और उन्हें जेल में रखना असंभव है.’ उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि उच्चतम न्यायालय के फैसले या दोनों पक्षों के बीच सहमति से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो. अगर दोनों ही विकल्प नहीं काम आते तो विधायी रास्ता अपनाया जाना चाहिए. भाजपा की शीर्ष प्राथमिकता है कि मंदिर निर्माण का रास्ता तैयार करने के लिए सहमति बने.

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आस्था- विश्वास का प्रश्न है राम मंदिर
उप मुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि विवादित ढांचे को ढहाया जाना चर्चा का विषय नहीं है. देश की जनता को पता है कि विहिप ने ही राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष किया. उन्होंने दावा किया कि देश की जनता ने राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वालों को पहचान लिया है. भाजपा के लिए मंदिर चुनाव से जुड़ा नहीं है बल्कि आस्था और विश्वास का प्रश्न है. उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद के तथाकथित समर्थक समझ लें कि राम लला को उनकी मौजूदा जगह से कोई नहीं हटा सकता. (इनपुट एजेंसी)