लखनऊ: राजस्‍व परिषद ने सपा नेता आजम खान को नोटिस जारी किया है. परिषद ने यह कार्रवाई जौहर विश्वविद्यालय के लिए दलितों की जमीन बिना डीएम की अनुमति के खरीदने पर की है. मामले की सुनवाई एक मई को इलाहाबाद के राजस्‍व परिषद में की जाएगी. Also Read - BJP अध्‍यक्ष JP Nadda के निवास पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और नरेंद्र सिंह तोमर ने की मीटिंग

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बता दें कि आजम खान पर आरोप है कि उन्होंने दलितों की 104 बीघा जमीन बिना डीएम की अनुमति के ही जौहर विश्वविद्यालय के नाम कराई थी. इसके बाद डीएम ने आजम खान के खिलाफ छह मार्च को दस निगरानी वाद दायर कराए थे. डीएम ने यह कार्यवाही लघु उद्योग भारती रामपुर के अध्यक्ष आकाश कुमार सक्सेना द्वारा इस मामले में आजम खां के खिलाफ मुख्यमंत्री से की गई शिकायत की जांच के बाद की थी. आकाश सक्सेना प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता शिव बहादुर सक्सेना के बेटे हैं. Also Read - तलाकशुदा भाभी से देवर ने किया रेप, दोस्तों को भी गैंगरेप के लिए सौंपा, फिर...

आजम खान के खिलाफ वारंट जारी

आकाश कुमार सक्सेना का आरोप था कि अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन तहसील सदर के ग्रामसभा सीगनखेड़ा में थी. 2007 में इनके नाम सीलिंग पट्टेदार के रूप में अंकित थे, राजस्व अभिलेखों में संक्रमणीय भूमिधर घोषित नहीं हुए थे. इनकी भूमि की खरीद में नियम विरुद्ध कार्य किया गया. एससी जाति के व्यक्ति के नाम पट्टा होने के कारण सामान्य श्रेणी के विश्वविद्यालय को भूमि नहीं बेची जा सकती थी. ऐसे में जमीन की खरीद फरोख्त में उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 का उल्लंघन किया गया. इस मामले में राजस्व परिषद ने सुनवाई शुरू करते हुए रजिस्टर्ड डाक से नोटिस भेजे हैं.