नई दिल्ली: अयोध्या में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की धर्म सभा और शिवसेना के कार्यक्रम के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. अयोध्या में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी, एक उप पुलिस महानिरीक्षक, तीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, 10 अपर पुलिस अधीक्षक, 21 क्षेत्राधिकारी, 160 इंस्पेक्टर, 700 कांस्टेबल, पीएसी की 42 कंपनियां और आरएएफ की पांच कंपनियां तैनात की गई हैं. इसके अलावा, एटीएस के कमांडो और ड्रोन कैमरे भी निगरानी के लिए तैनात किए गए हैं. Also Read - पटोले बोले भारत रत्न पर शिवसेना के अलग हमारा स्‍टैंड, सावित्रीबाई फुले, शाहूजी महाराज को मिलेे सम्‍मान

बढ़ती ठंड के बीच धर्म सभा के आयोजन से धार्मिक नगरी अयोध्या में राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है. हाल ही में जारी एक पर्चे में विहिप ने मंदिर निर्माण की बात जोर शोर से उठायी है. इसमें लिखा गया है, ‘सौगंध राम की खाते हैं, हम मंदिर भव्य बनाएंगे.’ धर्म सभा के आयोजकों का दावा है कि भगवान राम के तीन लाख से अधिक भक्तों के इस सभा में आने की उम्मीद है. Also Read - Maharashtra News: विधानसभा अध्यक्ष पद खाली रहने के मुद्दे पर महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा

विहिप के मीडिया प्रभारी अंबुज ओझा ने बताया कि अब समय आ गया है कि जहां इस समय राम लला विराजमान हैं, वहां मंदिर निर्माण हो और अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा के भीतर कोई मस्जिद भी नहीं होनी चाहिए. विहिप के प्रांत संगठन मंत्री (अवध) भोलेन्द्र ने एक बयान में कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए यह अंतिम धर्म सभा होगी. इसके बाद कोई धर्म सभा नहीं होगी और मंदिर निर्माण शुरू होगा. Also Read - West Bengal Polls: पश्चिम बंगाल में शिवसेना नहीं लड़ेगी विधानसभा चुनाव, ममता बनर्जी का करेगी समर्थन

शिवसेना ने सरकार से मंदिर निर्माण की डेट बताने को कहा
दूसरी ओर अयोध्या पहुंचे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का कहना है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर कोई राजनीति करने नहीं आए हैं लेकिन सरकार मंदिर बनाने की तारीख बताए. ठाकरे ने राम की नगरी में जुटे शिवसेना समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं यहां राजनीति करने नहीं आया हूं. मैं सोए हुए कुंभकर्ण को जगाने आया हूं. उन्होंने कहा कि दिन, महीने, साल और पीढ़ियां निकल गईं, साथ ही कटाक्ष किया, ‘मंदिर वहीं बनाएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे. पहले बताओ कि मंदिर कब बनाओगे. मुझे मंदिर निर्माण की तारीख चाहिए.

क्या कहना है पक्षकार इकबाल अंसारी का
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार इकबाल अंसारी ने धर्मसभा के मद्देनजर किए गए सुरक्षा प्रबन्धों पर संतोष जाहिर किया, मगर निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद इतनी बड़ी भीड़ जमा करने की मंशा पर सवाल भी उठाये. अयोध्या मामले के मुद्दई इकबाल अंसारी ने सुरक्षा प्रबन्धों पर संतोष जाहिर किया, मगर कहा कि अगर किसी को मंदिर-मस्जिद के मुद्दे पर कोई बात कहनी है तो उसे दिल्ली या लखनऊ जाना चाहिये. अंसारी ने अयोध्या में धर्म सभा के नाम पर भीड़ जमा करने की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें विधान भवन या संसद का घेराव करना चाहिए और अयोध्या के लोगों को सुकून से रहने देना चाहिए.

मायावती ने साजिश का हिस्सा बताया
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर मुद्दा उठाने पर शनिवार को भाजपा और शिवसेना पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह इन दलों की अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने की ‘राजनीतिक चाल’ है.

उन्होंने कहा कि क्योंकि मामला उच्चतम न्यायालय में है, इसलिए दलों और संगठनों को परिणाम का इंतजार करना चाहिए तथा मुद्दे को इस तरह नहीं उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर उनका इरादा नेक होता तो वे पांच साल इंतजार नहीं करते. शिवसेना और विहिप जैसे उनके सहयोगी जो कुछ कर रहे हैं, वह उनकी साजिश का हिस्सा है.

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि कि जरूरत पड़े तो शहर में सेना तैनात कर देनी चाहिए. अखिलेश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को उत्तर प्रदेश की स्थिति का संज्ञान लेना चाहिए. उसे इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और सेना बुलानी चाहिए.क्योंकि बीजेपी और उसके सहयोगी दल किसी भी हद तक जा सकते हैं.

(इनपुट-भाषा)