नई दिल्ली. पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने पिछले हफ्ते गांधी को याद किया. मंत्रालय के सौजन्य से काशी नगरी में ‘रस बनारस- स्वच्छाग्रह- बापू को कार्यान्जलि’ कार्यक्रम हुआ. वाराणसी के मन मंदिर और अस्सी घाट पर हुए इस कार्यक्रम में एक तरफ जहां लोक गीत और नृत्य, स्थानीय व्यंजन और हस्तशिल्प तथा कपड़ों की खरीद-बिक्री की भी व्यवस्था थी. वहीं, देश के समृद्ध विरासत के विभिन्न पहलुओं से युवाओं का परिचय हो, इसका भी इंतजाम था. चूंकि कार्यक्रम स्वच्छता से संबंधित था, इसलिए मंत्रालय से संबद्ध स्कूलों के बच्चों ने स्वच्छता जागरूकता के तहत प्रदर्शनी, गीत, लोक नृत्य, नुक्कड़ नाटक और कठपुतली नृत्य का भी प्रदर्शन किया. इस कार्यक्रम में जहां मालिनी अवस्थी की ठुमरी थी, वहीं मॉडर्न आर्ट की प्रदर्शनी का भी इंतजाम था. Also Read - अब संत बोले- PM नरेंद्र मोदी ही करेंगे राम मंदिर का उद्घाटन, अब काशी-मथुरा लेकर रहेंगे, जो खुश नहीं वो चमगादड़

महादेव की नगरी में दो दिनों तक रस की वर्षा
‘स्वच्छाग्रह’ में वाराणसी के युवाओं को आकर्षित करने के लिए तमाम तरह के इंतजाम किए गए थे. महोत्सव के दूसरे दिन शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, नृत्य और विजुअल आर्ट का आयोजन किया गया. दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी की प्रस्तुति को भी शामिल किया गया था. इसके अलावा नृत्य प्रस्तुतियां भी थी. मालिनी अवस्थी ने ठुमरी प्रस्तुत किया जबकि शास्त्रीय गायिका श्रुति साडोलिकर ने अपने शास्त्रीय गायन से श्रोताओं का मन मोह लिया. विशाल कृष्ण और उनके समूहों ने मनमंदिर घाट पर कत्थक नृत्य प्रस्तुत किया. महोत्सव में राष्ट्रीय पुरातत्व ने मनमंदिर घाट पर ‘वाराणसी’ पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया. वहीं, नेशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन ऑर्ट ने बीएचयू के फाइन आर्ट्स स्कूल की सहायता से छात्रों के साथ मिलकर एक टेराकोटा-शिल्प कला कार्यशाला का आयोजन किया. Also Read - Rakhi 2020: PM मोदी को महिलाओं ने भेजी ऐसी अनोखी राखियां, जानकर दंग रह जाएंगे आप...

रस बनारस कार्यक्रम में कलाकारों के साथ मंत्री महेश शर्मा. (फोटो साभारः संस्कृति मंत्रालय)

रस बनारस कार्यक्रम में कलाकारों के साथ मंत्री महेश शर्मा. (फोटो साभारः संस्कृति मंत्रालय)

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महोत्सव में हर वर्ग का रखा गया था ख्याल
संस्कृति मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार दो दिवसीय ‘स्वच्छाग्रह’ महोत्सव में वाराणसी के लोगों ने जमकर खरीदारी की. एनसीजेडसीसी ने अस्सी घाट पर हस्तशिल्प बाजार लगाया था. इसमें बहुरंगी और पारंपरिक हस्तशिल्प के सामान थे तथा बनारस एवं देश के अन्य भागों के कपड़े बिक्री के लिए उपलब्ध थे. इस बाजार में लोक गायकों तथा लोक नृत्यकों ने अपने कार्यक्रम प्रस्तुत किए. कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश और मेघालय को विशेष महत्व दिया गया था. एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत उत्तर प्रदेश इन दोनों राज्यों के साथ मिलकर मेट्रिक्स बनाता है. बाजार में एक फूड कॉर्नर भी लगाया गया था जहां लोगों ने वाराणसी तथा अरुणाचल प्रदेश व मेघालय के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया.

संस्कृति मंत्री ने कहा- गांधी के सपनों का भारत बनाना है
महोत्सव के अंतिम दिन केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा भी वाराणसी आए और कार्यक्रम में शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने गांधीजी के स्वप्न स्वच्छ भारत को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. हमें अपने में भारत के स्वतंत्रता संग्राम के स्तर का बदलाव लाना होगा और स्वच्छता की संस्कृति के निर्माण के लिए कार्य करना होगा.’ स्वच्छता के प्रति संस्कृति मंत्रालय के प्रयासों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा, ‘पिछले तीन वर्षों में स्वच्छता के प्रति वाराणसी में बहुत बदलाव आया है. लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए हैं. लोगों में स्वच्छता का संदेश देने के लिए संस्कृति महोत्सव एक अच्छा माध्यम है.’ उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से आग्रह किया कि गंगा संरक्षण के लिए उन्हें वाराणसी को प्लास्टिक मुक्त बनाना चाहिए.