बांदा: महोबा जिले की चरखारी कोतवाली क्षेत्र के सालट गांव में उर्स के दौरान हिंदुओं को कथित मांसाहारी बिरयानी परोसने के मामले में 43 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि सालट गांव में 31 अगस्त को शेख पीर बाबा का उर्स आयोजित किया गया था.

अधिकारियों ने कहा कि भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत की ‘शिकायत’ के बाद पुलिस ने बुधवार को 43 लोगों के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया. राजपूत ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा कि “हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए जानबूझकर बिरयानी परोसी गई. इस मामले में कठोर कार्रवाई आवश्यक है.”

वहीं, एसपी स्वामी नाथ ने विधायक की बात से असहमति जताते हुए कहा कि यह बात सही नहीं है कि जानबूझकर हिंदुओं को मांसाहारी बिरयानी परोसी गई. उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच की जा रही है.

उधर, चरखारी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अनूप दुबे ने गुरुवार को बताया कि इस मामले में 23 को नामजद और 20 अज्ञात मुस्लिमों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. हालांकि, अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की हुई है, मामले की जांच चल रही है.’ उन्होंने बताया कि ‘दो समुदायों के बीच तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.’

इससे पहले दुबे ने मंगलवार को बताया था कि ‘शेख कल्लू नामक एक व्यक्ति ने शनिवार को शेख पीर बाबा की दरगाह में एक जलसे का आयोजन किया था. जलसे में पूड़ी-सब्जी के अलावा मांसाहारी बिरयानी भी बनी थी. लोगों ने अपनी स्वेच्छानुसार भोजन किया था, हिंदू समुदाय के कुछ लोगों ने भी बिरयानी खाई थी.’ उन्होंने बताया था कि ‘सोमवार को सूचना मिली कि बिरयानी खाने वाले कुछ हिंदू शेख कल्लू पर कथित रूप से धर्म नष्ट करने का आरोप लगाकर पंचायत कर रहे हैं और उस पर धार्मिक शुद्धिकरण के लिए 50 हजार रुपए वसूलने और पूरे गांव को शाकाहारी भोजन कराने का दबाव बना रहे हैं.’

दुबे ने बताया कि ‘इस सूचना पर वे पुलिस बल के साथ पंचायत स्थल पहुंचे और इस दौरान लोगों ने मर्जी से बिरयानी खाने की बात स्वीकारी थी. इस दौरान दोनों पक्षों का आपसी सहमति से राजीनामा करा दिया गया. दुबे ने कहा कि इस मामले ने तूल तब पकड़ा, जब क्षेत्रीय भाजपा विधायक मंगलवार को सालट गांव दौरे पर पहुंचे और कुछ लोगों ने उनके सामने कथित रूप से ‘धोखे से मांसाहारी बिरयानी’ खिलाने का मुद्दा उठा दिया.