औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में दो पुजारियों की निर्मम हत्या के बाद स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ गया है. गौरतलब है कि बुधवार की सुबह दो पुजारियों की हत्या हो गई थी जबकि एक अन्य पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गया. इस दोहरे हत्याकांड से समूचे इलाके में सनसनी फैल गई. Also Read - राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश सड़क दुर्घटना में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री ने घटना का लिया संज्ञान
पुजारी की हत्या से क्षेत्रीय ग्रामीणों में आक्रोश भड़क गया. उन्होंने बिधूना भरथना मार्ग पर जाम लगा दिया और आगजनी की घटना को अंजाम दिया. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को काबू में कर लिया. गुरुवार को पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है. उधर मुख्यमंत्री ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी और प्रमुख सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. Also Read - औरैया के बाद एमपी में सड़क हादसा, ट्रक पलटने से 5 मजदूरों की मौत, आज अब तक गई 29 मजदूरों की जान

बेरहमी से की गई हत्या
मामला बिधूना कोतवाली के कुदरकोट गांव का है. घटना के संबंध में बताते हैं कि कुदरकोट गांव में स्थित भयानकनाथ मंदिर पर तीन पुजारी मंदिर की देखभाल और पूजा पाठ करते थे. साथ ही गाय की सेवा भी करते थे. बुधवार की सुबह सबेरे दो पुजारी लज्जाराम व हल्केराम के शव चारपाई पर मिले, जबकि एक अन्य पुजारी रामसरन गंभीर हालत में तड़पता हुआ मिला. पुजारियों को चारपाई से बांधकर उनकी बेरहमी से हत्या की गई थी. तीनों साधु चारपाई से बंधे मिले. एक साधु की जीभ कटी हुई पाई गई है. Also Read - Prime Minister Narendra Modi Reaction on Auraiya accident: औरैया हादसे पर पीएम मोदी ने जताया शोक, बोले- यह दुर्घटना बेहद दुखद है...

स्थिति संवेदनशील
पुजारियों की हत्या की सूचना पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई. हत्या से गुस्साए लोगों ने बिधूना-इटावा मार्ग जाम कर दिया और पूरे बाजार को बंद करा दिया गया. कुछ लोगों ने आगजनी की घटना को भी अंजाम दिया और पुलिस और मीडिया कर्मियों के ऊपर पथराव कर दिया. कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है. फिलहाल स्थिति संवेदनशील बनी हुई है.

औरैया के सभी थानों की फोर्स घटनास्थल पर बुला ली गई थी. बाद में आसपास के जनपदों की फोर्स भी बुलाई गई. पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी सहित पुलिस प्रशासन का अमला मौके पर पहुंचे. उन्होंने समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग मुख्यमंत्री को बुलाने पर अड़े थे.

घटना के बाद आईजी कानपुर, आलोक सिंह घटना स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे. आईजी ने कुदरकोट कांड पर विधूना थाना इंचार्ज अखिलेश मिश्रा और एक सिपाही इस्लाम को निलंबित किया. बताया जा रहा है कि गोकशी का विरोध करने पर हत्या की गई है. (इनपुट एजेंसी )