लखनऊ: यूपी के फैजाबाद जिले में सामान चोरी होने की पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने से अयोध्या के रामजन्मभूमि थाना परिसर में एक साधु ने आत्मदाह कर लिया. गंभीर रूप से झुलसे साधु रामदास त्यागी की गुरुवार को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई. इस मामले में एसएसपी फैजाबाद ने प्रभारी निरीक्षक सहित चार सिपाहियों को सस्पेंड किया है.

बता दें कि मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के रहने वाले साधु रामदास त्यागी (50) अयोध्या दर्शन के लिए आये थे. हनुमानगढ़ी में दर्शन के दौरान रविवार को उनका बैग, बिस्तर व 3500 रुपये किसी ने चोरी कर लिए थे. साधु ने शक के आधार पर एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस को सौंपा. साधु का आरोप था कि पुलिस ने आरोपी को लेन-देन के बाद छोड़ दिया. साथ ही पुलिस ने उसका केस भी दर्ज नहीं किया. मंगलवार की देर शाम साधु ने रामजन्मभूमि थाना परिसर में खुद को आग लगा ली थी. जिला अस्पताल में रामदास त्यागी ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया था कि वह दो दिन से थाने का चक्कर लगा रहा था. उसे लगातार पुलिस वाले अपमानित कर रहे थे. पुलिस वालों के अपमान से नाराज होकर उसने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली. जिला अस्‍पताल से साधु को गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया था. लखनऊ ट्रामा सेंटर पहुंचने के बाद साधु का इलाज प्रारम्भ हुआ लेकिन तब तक इंफेक्शन सारे शरीर में फैल चुका था. इसके चलते गुरुवार को साधु की मौत हो गयी.

एसएसपी ने प्रभारी निरीक्षक समेत चार को किया सस्‍पेंड 

इस मामले में अयोध्या एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया कि साधु ने कुछ सामान व नकदी चोरी होने की बात बताई थी. उसने एक बुजुर्ग को पकड़कर उस पर चोरी का आरोप लगाते हुए पुलिस को सौंपा था. पुलिस की तलाशी में उसके पास कुछ नहीं मिलने व पूछताछ में बेगुनाह पाए जाने के बाद उसे छोड़ दिया गया था. केस नहीं दर्ज करने की बात पर उन्होंने कहा कि पुलिस घटना की जांच कर रही थी. हालांकि उन्होंने थाने में आग लगाने की बात से इनकार किया. वहीं एसएसपी सुभाष बघेल ने इस मामले में मंगलवार देर रात ही थाने के प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह, हेड कांस्टेबल राम सुंदर पांडेय, कांस्टेबल चंद्रिका सोनकर व रवि सिंह को सस्पेंड कर दिया था. इस मामले में प्रभारी जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी हुई है. एसएसपी से मामले में कारवाई के लिए कहा गया है. (इनपुट एजेंसी)