सहारनपुर: भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद ने अब अपने नाम को लेकर तेवर तल्ख़ कर लिए हैं. भीम आर्मी संस्थापक ने कहा कि ‘मैं चंद्रशेखर आज़ाद हूं, रावण नहीं. अगर किसी ने रावण लिखा और कहा तो उसे कोर्ट ले जाऊंगा. चंद्रशेखर ने कहा कि रावण ब्राह्मण थे और चंद्र शेखर आजाद भी ब्राह्मण थे. कुछ लोगों ने रावण लिखकर नेगेटिव छवि बनाई और उन्हें बदनाम किया.

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कुछ लोग कर रहे साजिश
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने कहा है कि उन्हें ‘रावण’ नाम से नहीं पुकारा जाए. मीडिया में ऐसा हुआ तो वह उसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे. चंद्रशेखर ने कहा कि कुछ लोग एससी/एसटी एक्ट को खत्म करना चाहते हैं. ये सोची समझी साजिश है. इसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. बता दें कि भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर पिछले सप्ताह ही जेल से रिहा होकर आए हैं. जेल से बाहर आते ही उन्होंने निशाना साधते हुए बीजेपी को चुनाव में देख लेने की बात कही. उन्होंने कहा था कि वह चाहते हैं कि महागठबंधन हो और बीजेपी को चुनाव में हार मिले.

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मायावती ने रिश्ता होने से किया इनकार
इसके साथ ही उन्होंने मायावती को बुआ कहकर पुकारा था. इस पर बसपा प्रमुख मायावती ने जवाब देते हुए आज कहा है कि वह किसी की बुआ नहीं हैं. कुछ लोग जबरन उनसे रिश्ता जोड़ रहे हैं. मायावती ने पिछले साल मई में सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में हुई जातीय हिंसा के मामले में गिरफ्तारी के बाद पिछले दिनों रिहा किए गए चंद्रशेखर के साथ कोई नाता होने से इनकार किया. मायावती ने कहा कि अगर ये युवा दलित हितैषी होते तो बसपा से जुड़ते.