हरिद्वार/सहारनपुर: उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के दो पड़ोसी जिलों में जहरीली शराब पीने से होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है. मरने वालों ने हरिद्वार के एक गांव में ये शराब पी थी. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को बालूपुर गांव में एक व्यक्ति की ‘तेरहवीं’ पर इन सभी लोगों ने शराब पी थी. मरने वालों में से 24 बालूपुर और इसके निकटवर्ती गांवों के थे. बृहस्पतिवार को बालूपुर से शराब पीकर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित अपने घर पहुंचे 46 लोगों की भी मौत हो गई. शनिवार तक यहां 18 और लोगों की जान गईं. जबकि उत्तराखंड में अब तक 16 लोगों की मौत हुई है.

अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 35 मौतें सहारनपुर जिले में ही हुई हैं. वहीं 11 अन्य लोगों को इलाज के लिए सहारनपुर से मेरठ भेजा गया था, उनकी मौत मेरठ में हुई. शुक्रवार से लेकर अब तक कुछ और लोगों के मरने की रिपोर्टें मिली हैं और यह पता लगाने के लिए उनकी विसरा की जांच की जा रही है कि क्या उनकी मौत का संबंध भी जहरीली शराब से है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया कि गांव का एक निवासी तेरहवीं पर पिलाने के लिए शराब के 30 पाउच संभवत: उत्तराखंड से लाया था. इस मामले में अभी और जानकारी आनी बाकी है और तफ्तीश जारी है. दोनों राज्यों की सरकारों ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को लापरवाही बरतने के लिए निलंबित कर दिया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

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दोनों प्रशासनों ने मृतकों के परिवारों को दो दो लाख रूपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. इससे पहले सहारनपुर के जिला मजिस्ट्रेट आलोक पांडेय ने कहा कि उनके जिले के नांगल और आसपास के गांवों के निवासी बृहस्पतिवार को बालूपुर में शराब पीकर आने के बाद बीमार पड़ गए. शुक्रवार तक हरिद्वार में 16 लोगों की मौत हो गई थी और सहारनपुर में 18 और मौतें हुईं. शनिवार दोपहर तक यह संख्या बढ़कर 70 पहुंच गई. एक अन्य घटना में इसी हफ्ते पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से नौ लोगों की मौत हुई.

उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर और सहारनपुर जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया है. उत्तराखंड में आबकारी विभाग के 13 अधिकारियों और चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है. दोनों राज्यों में जहरीली शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया गया है.