Sakhi Yojna for womens in Uttar Pradesh (UP): कोरोना संक्रमण काल (Corona Virus) में जहां देश भर मे लॉकडाउन जारी है और लोग बेरोजगारी (Unemployment) की कगार पर आ रहे हैं. इन सबके बीच भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Adityanath) पांच लाख लोगों को रोजगार देने के अपने वादे को पूरा करने की कोशिश कर रही है. अन्य राज्यों से काम छोड़ कर अपने-अपने गांव-घर वापस आए प्रवासी मजदूरों (Migrant Workers) के साथ ही योगी सरकार प्रतिभावान लोगों को उनकी क्षमता के अनुसार काम देने की कोशिश कर रही है. यही नहीं योगी सरकार ने प्रदेश कै बैंकिंग सिस्टम को सुधारने के लिए भी बड़ी पहल की है. जिसका फायदा प्रदेश की महिलाओं को मिलेगा.Also Read - यूपी: 90 दिन में हर ग्राम पंचायत में होगा ग्राम सचिवालय, गाँव के लोगों को बैंकिंग सेवा भी मिलेगी

कोरोना वायरस के चलते देश में जारी लॉकडाउन के बीच प्रदेश सरकार ने गांव-गांव तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के लिए सखी योजना की शुरुआत की है. जिसके तहत गांवों में करीब 58 हजार बैंकिंग सखी तैनात करने की योजना बनाई है. इस योजना के तहत सरकार ग्रामीण इलाकों और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराएगी. इस योजना के तहत बैंकिंग सखी की नियुक्ती की जाएगी, जिन्हें बैंकिंग से जुड़े कामों के बदले में कमीशन दिया जाएगा. Also Read - Coronavirus in Uttar Pradesh Update: यूपी में कम हो रहा कोरोना संक्रमण, 11 जिलों में नहीं दर्ज किए गए सक्रिय मामले

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का पूरा नाम BC Sakhi Yajna यानि Banking Correspondent Sakhi Yojna है. जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट सखी तैनात की जाएंगी. सखी योजना के तहत तैना की गई महिलाएं लोगों को घर-घर जाकर सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाएं और बैंकिंग से संबंधित जानकारी देंगी. यूपी सरकार की इस योजना के तहत करीब 58 हजार महिलाओं को नौकरी मिलेगी. Also Read - Investment in Uttar Pradesh: सैमसंग, पेटीएम, टीसीएस, माइक्रोसाफ्ट, अडानी ग्रुप तथा हल्दीराम ने नोएडा में किया निवेश, मिलेगा रोजगार

Banking Correspondent Sakhi Yojna के तहत तैनात की गई महिलाओं को हर महीने सरकार की ओर से 4 हजार रुपए सैलेरी दी जाएगी. यही नहीं, बैंकों द्वारा लेनदेन करने पर इन्हें कमीशन भी दिया जाएगा, जिससे ना सिर्फ महिलाओं की आय होगी, बल्कि ग्रामीणों को भी बैंकिंग संबंधित जानकारी आसानी से मिल सकेगी और इससे बैंकिंग सिस्टम में भी काफी सुधार की संभावना है.