Uttar Pradesh: अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले BJP सांसद साक्षी महाराज (Sakshi maharaj) ने अब एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असुदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) को लेकर बड़ी बात कह दी है. उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार विधानसभा चुनाव  (Bihar assembly election 2020) में भाजपा की मदद की थी और अब पश्चिम बंगाल (West Bengal Assembly Election 2021) और यूपी विधानसभा चुनाव (Uttar pradesh assemby election) में भी भाजपा की मदद करेंगे.Also Read - AIMIM प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी, ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के चुनावी अखाड़े में उतारे अपने उम्मीदवार

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा-अब पर्दा उठ गया है, सच्चाई सामने आ गई है Also Read - UP Assembly Election: AIMIM ने जारी की उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, इन 9 लोगों को दिया टिकट

साक्षी महाराज का बयान सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) ने हमला बोला है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा है कि साक्षी के बयान से भाजपा और ओवैसी के रिश्तों से अब पर्दा हट गया है और सच्चाई सामने आ गई है. Also Read - UP Election 2022: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ओवैसी से कहा- मुस्लिम वोटों का बंटवारा न करें

अनुराग भदौरिया ने कहा कि हम लोग पहले से ही कहते रहे हैं कि ओवैसी भाजपा के इशारे पर ही आते-जाते हैं. इनके हेलीकाप्टर में ईधन कौन डलवाता है, यह सब लोग जानते हैं. अब तो भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने खुलकर ही बोल दिया कि बिहार में ओवैसी ने हमारी मदद की, बंगाल और यूपी में भी करेंगे. भाजपा के चेहरे से नकाब उतर गया है. जनता को सब साफ-साफ दिखाई देने लगा है.

ओवैसी ने सपा के गढ़ से की है चुनावी अभियान की शुरूआत

असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को ही यूपी में अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की थी. वह चुनावी अभियान में सबसे पहले सपा के गढ़ आजमगढ़ पहुंचे. बता दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आजमगढ़ से ही सांसद हैं और वहां ओवैसी के निशाने पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव ही रहे. उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में अखिलेश ने मुझे यहां आने से 12 बार रोका था. ओवैसी ने यहां तक कह दिया कि समाजवादी पार्टी जमीन पर कहीं नहीं है. वह केवल फेसबुक पर ही दिखती है.

बिहार में ओवैसी की पार्टी ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराई थी

बता दें कि बिहार चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराई थी. उनके मैदान में आने पर ही भाजपा को फायदा पहुंचने की बातें कही जा रही थीं. सीमांचल के जिन इलाकों में महागठबंधन का खासा जोर रहता है वहां ओवैसी ने न सिर्फ कई सीटें जीती बल्कि कई सीटों पर राजद और कांग्रेस के हाथों से जीत छीन ली थी.

बिहार चुनाव का रिजल्ट आने के बाद तमाम राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना था कि ओवैसी के कारण महागठबंधन बहुमत से दूर रह गया और एनडीए को दोबारा सत्ता हासिल करने में मदद मिली. ये भी चर्चा थी कि ओवैसी ही भाजपा की बी टीम है.