Akhilesh Yadav, Cycle Yatra, Samajwadi Party, Uttar Prdaesh Assembly Election 2022, UP, BJP, लखनऊ: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party ) अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने आज गुरुवार को दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता की सत्तारूढ़ बीजेपी से नाराजगी को देखकर लगता है कि सपा राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022 ) में 400 सीटें जीत लेगी.Also Read - मिहिर भोज जाति विवाद: शिलापट्ट पर लिखे CM योगी के नाम पर कालिख पोती गई, जांच शुरू

सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी साइकिल यात्रा शुरू करने से पहली प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में दावा किया, “सरकार हर मुद्दे पर नाकाम है. अभी तक तो हम 350 बोलते थे, लेकिन जिस तरह की नाराजगी जनता के बीच में है, हो सकता है हम 400 सीटें जीत जाएं. आज तो स्थिति ऐसी है कि भाजपा (BJP) के पास प्रत्याशी कम पड़ जाएंगे. प्रत्याशी टिकट ही नहीं मांगेंगे.” Also Read - Navjot Sidhu Resigns: नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बाद अमरिंदर सिंह ने किया ट्वीट, कहा- 'मैंने आपसे कहा था कि...'

Also Read - Navjot Sidhu ने सोनिया गांधी को भेजा इस्तीफा, लिखा- 'चरित्र के पतन की शुरुआत समझौते से होती है और मैं...'

अखिलेश ने कहा कि पिछले रविवार को मिर्जापुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक रैली में कहा था कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने वर्ष 2017 में जारी पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र का हर वादा पूरा कर दिया है. मगर सच्चाई यह है कि भाजपा ने अभी तक अपना घोषणापत्र खोलकर देखा भी नहीं है.

सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर राजनीति को जनसेवा नहीं, बल्कि कारोबार का जरिया बनाने का आरोप लगाते हुए कहा “भाजपा के लोग ‘मेनिफेस्टो’ नहीं बल्कि ‘मनीफेस्टो’ बनाते हैं. इनके लिए राजनीति एक बिजनेस है. भाजपा का धोखा जनता ने देख लिया है. भाजपा की कोई काम करने की संस्कृति नहीं है अगर रही होती तो शायद कुछ काम भी किए होते.” उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों की जान बचाने में पूरी तरह से विफल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी सरकार और प्रशासन ने जनता को धोखा दिया और बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई.

सपा चीफ अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश को कुपोषण के मामले में, गंगा में शव बहाने, लाशों पर से कफन उतारने, कोविड-19 महामारी के दौरान दवाओं की कालाबाजारी करने, पंचायत चुनाव में ड्यूटी कराकर शिक्षकों की बलि देने, बेगुनाह लोगों को जेल में डालने, विशेष धर्म और जाति के लोगों पर अत्याचार करने, बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग लगाकर अपनी नाकामी छिपाने और हिरासत में मौत के मामले में नंबर एक राज्य करार देते हुए इसके लिए प्रदेश की बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया.