लखनऊ: लोकसभा चुनाव से पहले गोरखपुर सीट पर सियासी घमासान जारी है. निषाद पार्टी के गठबंधन से अलग होने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना देर लगाए शनिवार को पूर्व मंत्री रामभुआल निषाद को गोरखपुर का प्रत्याशी घोषित कर दिया है.

 

दरअसल, निषाद पार्टी ने शुक्रवार को गठबंधन से अपना नाता तोड़ लिया. इस निर्णय के बाद सपा ने सांसद प्रवीण निषाद का टिकट काट कर रामभुआल निषाद को अपना प्रत्याशी बनाया है. निषाद पार्टी के मुखिया डॉ. संजय निषाद की जिद को देखते हुए सपा के भीतर यह नया फार्मूला तैयार किया गया है. निषाद बहुल क्षेत्र को देखते हुए सपा ने यह कदम उठाया है. गौरलब है कि संजय निषाद ने शुक्रवार को कहा था कि महागठबंधन में हम गए लेकिन हमें लगा कि धोखा हो गया. अखिलेश यादव ने हमें सम्मान नहीं दिया. बैनर-पोस्टर में कहीं भी हमारा नाम नहीं दिया गया. पहले ही दिन से हमें लगा कि स्थिति सामान्य नहीं है और कहीं न कहीं हमें मिटाने की साजिश हो रही है.

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भाजपा नेताओं से मिले संजय निषाद
उन्होंने कहा कि हम अकेले चुनाव लड़ेंगे. हम दूसरी संभावना भी देख रहे हैं. इसके बाद भाजपा मुख्यालय पहुंचे संजय निषाद ने प्रमुख नेताओं से मुलाकात कर नई संभावनाओं की नींव रख दी. उल्लेखनीय है कि गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र के उप चुनाव में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संजय निषाद के पुत्र प्रवीण निषाद को सपा का उम्मीदवार बनाया था. प्रवीण निषाद ने गोरखपुर में भाजपा के उपेंद्र शुक्ल को हरा दिया था.