लखनऊ: स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरे देश में गावों में शौचालय बनवाये जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत देखें तो यह योजना बंदरबांट की शिकार हो रही है. ऐसी ही तस्वीर है उत्तरप्रदेश के देवरिया जनपद की, जहां एक गांव में शौचालय निर्माण योजना में जमकर बंदरबाट किया गया है. इस मामले की शिकायत मिलने पर देवरिया जिलाधिकारी ने पूरे मामले पर जांच बैठा दी है.

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देवरिया जनपद के सलेमपुर तहसील क्षेत्र में अघेला गांव है, जहां शौचालय निर्माण योजना 2017-18 में जमकर बंदरबांट किया गया है. इस गांव की प्रधान महिला है. कुल 132 शौचालय इस गांव में बन चुके हैं. गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए. उन्‍होंने कहा कि ग्राम प्रधान ने कहा था की कि आप शौचालय बनवाओ, हम पैसे देंगे. ऐसे ही एक ग्रामीण पवन ने बताया की उनकी पत्नी के नाम पर शौचालय बना है. प्रधान ने कहा था कि आप शौचालय बनवा लो बाद में पैसा दुंगा. शौचालय बनने के बाद प्रधान ने उनके नाम का एक चेक दिया जो 6 हजार रुपये का है, जबकि शौचालय उनकी पत्नी के नाम से है. चेक लेकर जब वह बैंक गए तो वहां बताया गया की इस खाते में पैसा नहीं है.

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मामले की डीएम से की शिकायत
बता दें कि शौचालय लिस्ट में 51 नंबर पर मीरा देवी पवन कुमार का नाम दर्ज है और बीते नौ महीने से पवन कुमार 6 हजार रुपये का चेक लेकर घूम रहे हैं. शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके गांव में शौचालय घोटाला हुआ है. किसी का शौचालय बना नहीं है, लेकिन पैसा निकल लिया गया है. उन्‍होंने पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की है.

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डीएम ने कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई
इस पूरे मामले में देवरिया के जिलाधिकारी अमित किशोर का कहना है कि इस पुरे मामले की जांच सलेमपुर उपजिलाधिकारी और भटनी ब्लाक के वीडियो को सौंपी गई है. जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.