झांसी (उत्तर प्रदेश): झांसी में सुबह अपने घर से टहलने निकले डॉक्टर (Doctor) को डकैतों ने अपहृत कर लिया. पहले तो अपहरण करने वाले लोगों ने कहा कि एक मरीज को दिखाना है. वहीं, ले चल रहे हैं. डकैत डॉक्टर को बंधक बनाकर मध्य प्रदेश के मुरैना ले गए. यहां डकैतों ने डॉक्टर को एक जंगल में रखा फिर बिना किसी फिरौती या किसी वारदात को अंजाम दिए जंजीरों से बांधकर छोड़ दिया. ये सीनियर डॉक्टर किसी तरह जंगल से बाहर निकल सड़क पर पहुंचे. संयोग से पुलिस इस रोड से गुजर रही थी. डॉक्टर को जंजीरों में बंधा देख पुलिस के भी होश उड़ गए. फिर पता चला डॉक्टर को अगवा कर झाँसी से मुरैना ले जाया गया था. झाँसी से मुरैना की दूरी 155 किलोमीटर है.Also Read - UP Police Recruitment 2022: 10वीं और ITI पास लोगों के लिए यूपी पुलिस में बंपर भर्ती, मिलेगी मोटी सैलरी

झांसी के सीपरी बाजार में रहने वाले 62-वर्षीय आरके गुरुबख्शनी पेशे से एक डॉक्टर हैं. 29 जनवरी दिन शुक्रवार को वह सुबह सैर के लिए घर से निकले थे, लेकिन लौट कर नहीं आए. उनके घर वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी और आईपीसी की धारा 365 के तहत अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया. दो टीमों का गठन कर पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की. Also Read - EC ने सपा को वर्चुअल रैली में कोविड नियमों के उल्लंघन पर जारी किया नोटिस, 24 घंटे में जवाब मांगा

जब सीसीटीवी फुटेज (CCTV) खंगाला गया तो उन्हें हाईवे पर टहलते हुए देखा गया. लेकिन, इसके बाद देर रात तक पुलिस को कुछ सुराग नहीं मिल पाया. शनिवार को स्थानीय पुलिस को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की मुरैना पुलिस का एक फोन आया जिसमें बताया गया कि डॉ. गुरुबख्शनी उनके साथ हैं. पुलिस टीम और उनके रिश्तेदार उन्हें लेने के लिए रवाना हुए. गुरुबख्शनी ने पुलिस को बताया कि तीन लोगों ने पिस्तौल दिखाकर उन्हें अगवा कर लिया. उन्होंने यह कहकर मुझे जबरन कार में बिठाया कि किसी का इलाज करना है. उन्होंने इस बात का भरोसा दिया कि वे उन्हें छोड़ देंगे. बाद में डॉक्टर ने सुना कि अपहरणकर्ता फोन पर किसी से फिरौती की बात कर रहे थे. Also Read - UP Elections 2022: BJP ने पहली ही लिस्‍ट में दिखाया OBC मैनेजमेंट, विरोधियों के आरोपों का क्‍या हुआ?

डॉक्टर ने बताया कि अपहरणकर्ता मुझे दिनभर कभी हाईवे तो कभी सड़क पर तो कभी गांवों में लेकर घूमते रहे. बाद में उन्होंने मुझे मोटरसाइकिल पर बिठाया और इसके बाद पैदल लेकर गए. कुछ दूरी पर जंगल में उन्होंने मुझे चेन में बांधकर वहीं छोड़ दिया. बहरहाल, फिलहाल पुलिस को इस बात का पता नहीं चल पाया है कि इस अपहरण के पीछे मंशा क्या थी. झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि हम सभी पहलुओं पर बारीकी से विचार कर रहे हैं और अपहरणकर्ताओं के शिनाख्त की कोशिश कर रहे हैं.