बाराबंकी: सपा से बाहर होने के बाद अलग पार्टी बना चुके मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव ने उत्‍तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन में शामिल होने की उम्‍मीद नहीं छोड़ी है. मुलायम की छोटी बहू अपर्णा ने शुक्रवार को कहा कि चाचा शिवपाल सिंह यादव को अगर ‘ऑफर’ मिला तो वह सपा-बसपा गठबंधन में जरूर शामिल होंगे.

अपर्णा ने संवाददाताओं से बातचीत में एक सवाल पर कहा कि शिवपाल ने अपनी अलग पार्टी जरूर बना ली हो, लेकिन उनकी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से कोई नाराजगी नहीं है और वह आज भी इसी पार्टी के विधायक हैं. उन्होंने कहा कि अगर मौका दिया जाए तो वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में बन रहे सपा-बसपा गठबंधन में शिवपाल भी जरूर शामिल होंगे. हालांकि पिछले काफी समय से दोनों ही पार्टियां गठबंधन के लिए कोशिश कर रही हैं, लेकिन उसका कोई असर होता नहीं दिख रहा.

यादव परिवार की एकता के सवाल पर अपर्णा ने कहा कि हम हमेशा यही चाहते हैं कि सभी एकजुट रहें. विचारधारा अलग होने के चलते ही शिवपाल ने अलग पार्टी बनाई है. हमारे लिए परिवार हमेशा एक है. मुझे जो सही लगेगा, सही समय आने पर वही करूंगी. मुझे पार्टी से चाचा शिवपाल के अलग होने का दुख है.

बजरंगबली पर सियासत, पहले दलित फिर मुसलमान अब हनुमान को बताया जाट

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मंचों पर शिवपाल के साथ अक्सर नजर आने वाली अपर्णा ने कहा कि वह शिवपाल के साथ इसलिए दिखाई देती हैं, क्योंकि वह हमारे परिवार के बड़े-बुजुर्ग हैं. अपर्णा ने यह भी कहा कि शिवपाल के मन में किसी के प्रति कोई खटास नहीं है.

यूपी में कांग्रेस के बिना महागठबंधन? सपा-बसपा ने किया इंकार

जब उनसे पूछा गया कि वह शिवपाल के साथ हैं या अखिलेश के खेमे में, तो उन्होंने जवाब दिया कि वह नेताजी (सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव) के साथ हैं. नेताजी किसके साथ हैं, यह उन्होंने अभी तक किसी को नहीं बताया, लेकिन उनका आशीर्वाद दोनों (अखिलेश और शिवपाल) के साथ है.