लखनऊ: उत्तर प्रदेश में महोबा जिले के कुलपहाड़ थाने के अकोनी गांव में सोमवार को बालू से भरे ट्रैक्टर को थाने ले जाते समय उपनिरीक्षक (एसआई) ने बुंदेलखंड किसान यूनियन की महिला मोर्चे की जिलाध्यक्ष को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने थाने में घुसकर पुलिस कर्मियों की जमकर धुनाई कर भारी बवाल किया.

जानकारी के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची ने बताया कि दिलीप राजपूत अवैध तरीके से अपने ट्रैक्टर से बालू खनन का कारोबार कर रहा था. सोमवार को मुखबिर की सूचना पर कुलपहाड़ थाने के उपनिरीक्षक वंशनारायण एक सिपाही के साथ मौके पर पहुंच कर ट्रैक्टर को थाने ला रहे थे. तभी गांव की महिला चंद्रकली राजपूत (40) ट्रैक्टर की चपेट में आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. उन्होंने बताया कि महिला की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने में धावा बोलकर कर पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया, इस हमले में थानाध्यक्ष और कुछ सिपाही घायल हुए हैं. उधर, दिलीप राजपूत ने बताया कि वह रवन्ना के साथ वैध तरीके से बालू की ढुलाई कर रहा था, लेकिन एसआई व एक सिपाही पहुंचकर रवन्ना फाड़कर फेंक दिया और रुपया मांगने लगे. जब नहीं दिया तो वह खुद ट्रैक्टर चला कर ले जाने लगे और जानबूझ कर उसकी चाची चंद्रकली को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई है.

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किसान आंदोलन को कमजोर करने की साजिश
बुंदेलखंड किसान यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने कहा कि उनके संगठन में चंद्रकली महोबा जिले से महिला मोर्चे की जिलाध्यक्ष थीं और वह बांदा में चल रहे किसानों के धरने में लगातार शरीक रहीं. उन्‍होंने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह सब प्रदेश सरकार के इशारे पर हो रहा है. पुलिस ने ट्रैक्टर से बुंदेलखंड किसान यूनियन की महिला मोर्चे की जिलाध्‍यक्ष को कुचल कर उसकी हत्या कर दी. इस मामले में सरकार को चाहिए कि वो आरोपियों के खिलाफ सख्‍त कदम उठाए. अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो साफ है कि यह घटना किसान आंदोलन को कमजोर करने की साजिश है.