बुलंदशहर/लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मेरठ मंडल से जुड़े बुलंदशहर जनपद में सोमवार को कथित तौर पर गोकशी के बाद मचे बवाल में गुस्साई भीड़ ने स्याना थाने के इंस्पेक्टर की पत्थर या किसी भारी वस्तु मार कर हत्या कर दी. वहीं गोली लगने से एक युवक की मौत हुई है. प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच एडीजी इंटेलीजेंस को सौंपी है, जो 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट देंगे इसके साथ ही मेरठ रेंज के महानिरीक्षक की अध्यक्षता में एक एसआईटी का भी गठन किया है. इधर, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर हिंसा में एक पुलिस इंस्पेक्टर समेत दो लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दो दिन के अंदर मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं. सीएम ने देर शाम जारी एक बयान में स्याना के कोतवाल इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह तथा स्थानीय निवासी सुमित की मृत्यु पर दुःख जताया. इधर, कांग्रेस ने घटना को लेकर सीएम के ऊपर हमला किया है. कांग्रेस पार्टी ने कहा कि प्रदेस को अराजक तत्वों के हाथों में सौंपकर सीएम चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं.

योगी ने एडीजी (अभिसूचना) एसबी शिरडकर को तत्काल मौके पर जाकर दो दिन में पूरे मामले की जांच कर अपनी आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि जांच आख्या में घटना के कारणों तथा दोषी व्यक्तियों का विवरण भी शामिल किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच आख्या मिलते ही सरकार दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही और प्रभावितों को आर्थिक सहायता देने के संबंध में निर्णय लेगी. बुलंदशहर में हुई घटना में पांच पुलिसकर्मी तथा करीब आधा दर्जन आम लोगों को भी मामूली चोटें आई है. भीड़ की हिंसा में कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया है तथा तीन कारों को आग लगा दी गई. बताया जा रहा है कि इस हिंसा में तीन गांव के करीब चार सौ लोग शामिल है. गोकशी की खबर से गुस्साई भीड़ ने इस दौरान पुलिस पर पथराव करते हुए उसके कई वाहनों और चिंगरावठी पुलिस चौकी में आग लगा दी. मामले की सूचना मिलने के बाद कई थानों की पुलिस और आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए और हालात को काबू में करने के प्रयास किए जा रहे हैं. मेरठ मंडल आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने इस मामले में स्याना के कोतवाल सुबोध कुमार सिंह की मौत की पुष्टि की है.

एडीजी ने बताया- इस वजह से भड़क उठी हिंसा
बुलंदशहर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव महाव के जंगल में रविवार की रात अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर करीब 25-30 गोवंश काट डाले थे. यह सूचना मिलने पर लोगों में आक्रोश फैल गया. गुस्साए लोग घटनास्थल पर पहुंचे और कथित तौर पर काटे गए गोवंश के गोवंश अवशेषों को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर सोमवार सुबह चिंगरावठी पुलिस चौकी पर पहुंचे. गुस्साई भीड़ ने बुलंदशहर-गढ़ स्टेट हाईवे पर ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर रास्ता जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. सूचना मिलने पर एसडीएम अविनाश कुमार मौर्य और सीओ एसपी शर्मा पहुंचे. इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया. बेकाबू भीड़ ने पुलिस के कई वाहन फूंक दिए. साथ ही चिंगरावठी पुलिस चौकी में आग लगा दी. एडीजी के मुताबिक कथित गोकशी की घटना के बाद एफआईआर लिख ली गई थी, लेकिन भीड़ ने सड़क पर जाम लगा दिया था. इसी जाम को हटाने के दौरान भीड़ उग्र हो गई और दोपहर 12 से डेढ़ बजे के बीच पथराव और हिंसा हुई. उन्होंने कहा कि जिले में पांच कंपनी आरएएफ तथा छह कंपनी पीएसी पहले से ही तैनात थी और पुलिस बल भेजा जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के इज्तेमा में शामिल अभी करीब आधे लोग वहां हैं जिन्हें पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में वहां से निकाला जा रहा है.

बुलंदशहर में गौकशी के शक में हिंसा, भीड़ ने की इंस्पेक्टर की हत्या, पुलिस चौकी भी फूंकी

48 घंटे के अंदर गोपनीय रिपोर्ट सौंपेंगे एडीजी इंटेलीजेंस
उधर, लखनऊ में सोमवार शाम एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि बुलंदशहर में हुई हिंसा के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत इलाज के दौरान हुई. संभवत: उन्हें कोई पत्थर या भारी वस्तु लगी थी. कथित गोकशी की घटना के बाद पथराव में एक थाना इंचार्ज और एक अन्य की मौत के मामले की जांच एडीजी इंटेलीजेंस करेंगे और 48 घंटे के अंदर अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंपेंगे. उन्होंने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक मेरठ की अध्यक्षता में एक एसआईटी का भी गठन किया गया है जिसमें तीन से चार अधिकारी शामिल होंगे जो पूरी घटना की गहनता से जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे. एडीजी आनंद ने बताया कि बुलंदशहर के डीएम ने इस घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिये है. अभी इस संबंध में एक मामला गोकशी का दर्ज किया गया है जिसमें सात नामजद हैं लेकिन अभी सुरक्षा की दृष्टि से इन लोगों के नाम नहीं बताये जा सकते हैं. उपद्रव के दौरान सुमित नाम के एक युवक की भी मौत इलाज के दौरान मेरठ के अस्पताल में हो गई है. उसे गोली लगी थी. अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि उसकी मौत किसकी गोली से हुई है.

उप्र को अराजक तत्वों के हवाले कर प्रचार में व्यस्त सीएम
बुलंदशहर में हुई हिंसा पर कांग्रेस ने प्रदेश के मुख्मयंत्री योगी आदित्यनाथ को आड़े हाथ लेते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि प्रदेश को ‘अराजक तत्वों’ को ‘सौंपने’ के बाद वह अपनी पार्टी के लिए प्रचार करने में व्यस्त हैं. पार्टी ने यह भी कहा कि यह हिंसा कानून और व्यवस्था की सबसे बदतर विफलता है और उन्हें देशभर में चुनाव प्रचार के लिए ‘घूमने’ से पहले अपने घर को व्यवस्थित करना चाहिए. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश को ‘अराजक तत्वों’ को ‘सौंपने’ के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ अपनी पार्टी के लिए प्रचार करने में व्यस्त हैं. उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को अराजक तत्वों के हवाले कर चुनाव भ्रमण में व्यस्त हैं और क़ानून व्यवस्था का दिवाला निकल गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ क़ानून का शासन नहीं, भीड़तंत्र की बेलगाम हिंसा अब भाजपा सरकारों की असल पहचान हैं.’’