उत्तर प्रदेश में बदला RTO से जुड़ा ये बड़ा नियम, परिवहन विभाग ने दी जानकारी; जानें पूरी डिटेल

UP Transport Rules: यूपी में वाहनों से जुड़े इस बड़े नियम में बदलाव कर दिया गया है. इस असर प्रदेशभर के लाखों वाहन मालिकों पर पड़ेगा.

Published date india.com Updated: January 10, 2026 5:07 PM IST
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UP Transport Rules: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में वाहनों से जुड़े इस बड़े नियम में बदलाव किया है. अब प्रदेशभर में वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच सोमवार से नहीं किया जाएगा. अब प्रदेश के सभी व्यावासायिक वाहनों का फिटनेस निजी आटोमेटड फिटनेस सेंटर (ATS) पर ही करया जा सकेगा. इसके लिए सरकार ने सभी 75 जिलों के कमर्शियल वाहनों के लिए 13 निजी एटीएस को आवटिंत किया है. अब ऑनलाइन वाहन फिटनेस का स्लाट बुक करने पर नजदीकी सेंटर का ही स्लॉट बुक होगा.

इसको लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने 14 नंवबर 2024 और पिछले साल 1 अप्रैल को परिवहन विभाग के सचिव को पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया कि अब वाहनों का फिटनेस आटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर ही कराया जा सकेगा. ऐसे में विभाग ने इस संबंध में 17 नवंबर को पत्र जारी करके निर्देश दिया गया था इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली जाएं, पहली जनवरी से से एटीएस पर ही वाहनों का फिटनेस कराया जाएगा.

ऐसे में यूपी परिवहन विभाग के अनुसार सोमवार से इसका पालन शुरू हो गया है. राज्य के सभी जिलों में वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच बंद कर दी गई है और फिटनेस के लिए आटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर को आवंटित किया जा रहा है. सेन्टरों से 100 किमी की एरिया को जोड़ा गया है. अबतक ज्यादातर जिलों में वाहनों की मैनुअल ही फिटनेस जांच हो रही थी. राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब के एकेआरएस एटीएस प्राइवेट लिमिटेड केंद्र पर वाहनों की फिटनेस अब इस सेंटर को रायबरेली, उन्नाव, बाराबंकी, हरदोईसीतापुर जिलों के भी वाहनों को आवंटित किया गया है.

सीतापुर के महोली से बीकेटी जाने वाले वाहनों को अब बहुत लंबी दूरी तय करनी होगी. आने जाने में 150 किलोमीटर से ज्यादा सफर होगा. ई रिक्शा के लिए फिटनेस कराना मुश्किल होगा, क्योंकि लंबी दूरी में बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है. एआरटीओ प्रशासन लखनऊ के प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि आसपास के जिलों में निजी एटीएस से फिटनेस का स्लॉट मिल रहा है रायबरेली के वाहन फतेहपुर में और उन्नाव के वाहन कानपुर में फिटनेस करा सकते हैं. नए व्यावसायिक वाहनों को आठ साल तक हर दो साल पर फिटनेस करानी होती है और उसके बाद हर साल. फिटनेसहोने पर पहली बार पांच हजार और दूसरी बार दस हजार का चालान किया जाएगा.

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