लखनऊ: केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने देश के खासकर ग्रामीण क्षेत्र की महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए भाषा की बाधा को दूर करने की जरूरत बताते हुए कहा कि कस्बों और गांवों की ज्यादातर महिलाएं अंग्रेजी बोल-समझ नहीं पातीं, जो उनकी तरक्की में बड़ी बाधा है. कहा कि महिलाएं का सम्पन्न होना जरूरी है तभी वह कामयाब उद्दमी बन सकती हैं. उन्हें सम्पन्न बनाने के लिए समाज में सबको एकजुट होना पड़ेगा. Also Read - यूपी के ग्रामीणों ने गावों में प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध, उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना, पूरा गांव क्वारंटीन

केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन (एफएलओ) द्वारा आयोजित इंडियन विमन आर्टिसंस अवध फेस्टिवल एंड फिल्म फोरम (आईवाफ) के कार्यक्रम में कहा कि महिलाओं को कैसे सशक्त बनाया जाए, इस पर चर्चा बेहद जरूरी है. देश की महिलाएं भाषा की लड़ाई में हार जाती हैं. ज्यादातर ग्रामीण अंचल की महिलाएं अंग्रेजी नहीं बोल पाती और न ही समझ पाती हैं, लेकिन उनके पास हुनर की कमी नहीं होती. उन्होंने कहा कि छोटे शहरों, कस्बों और गांवों की महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने के लिये भाषा की बाधा को हटाना पड़ेगा. यह जरूरी है, अंग्रेजी में बतायी जा रही कारोबार सम्बन्धी बातों को ना समझ पाने वाली महिला उद्यमियों को उनकी भाषा में अनुवाद करके समझाया जाना चाहिये.

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दुनिया में हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री में भारत की हिस्सेदारी 60 फीसद
‘क्रिएटिंग ग्लोबल ऑपरट्यूनिटी फॉर वीमेन एंट्रेप्रन्यूअर्स’ पैनल को संबोधित करते हुए स्मृति ने कहा कि महिलाओं का वित्तीय रूप से मजबूत होना बेहद जरूरी हो गया है. कपड़ा मंत्री ने कहा कि दुनिया में हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री में भारत की हिस्सेदारी 60 फीसद है. इसमें महिलाओं की भागीदारी ज्यादा है. गांव की महिलाएं किसी स्कूल में डिजाइन सीखने नहीं गईं, लेकिन वे बेहतर काम करती हैं. विभिन्न क्षेत्रों में ऐसी तमाम महिलाएं पुरस्कार भी जीत रही हैं. प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने इस मौके पर कहा कि हिंदुस्तान की महिलाएं बेहतर काम कर सकती हैं. उनके पास हुनर है और वे अपने समय का सही उपयोग कर सकती हैं. हमारे यहां महिलाएं परिश्रम बहुत करती हैं. यह पहला कदम है, अभी आगे ही बढ़ते जाना है. (इनपुट एजेंसी)