नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में ग्राम प्रधान और उसके गुर्गों द्वारा 10 आदिवासियों पर गोलीबारी करने का मामला और गर्मा गया है. एक तरफ जहां कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) के पीड़ितों से मिलने को लेकर मिर्जापुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शुक्रवार से ही धरने पर बैठी हैं, वहीं शनिवार की सुबह सांसद डेरेक ओ ब्रायन की अगुवाई में घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे 3 तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसदों को पुलिस ने वाराणसी एयरपोर्ट पर ही रोक लिया. इससे पहले शुक्रवार की देर रात राज्य सरकार के अधिकारियों ने प्रियंका गांधी को मनाने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस नेत्री ने कहा कि वह पीड़ितों से मिले बिना नहीं जाएंगी. इसके बाद शनिवार की सुबह जब पुलिस ने वाराणसी एयरपोर्ट पर तृणमूल सांसदों को रोका तो उन लोगों ने इसका विरोध किया. इस बीच केंद्रीय आदिवासी कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि राज्य सरकार इस घटना की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच करा रही है. दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

यूपी सरकार के अफसरों से बोलीं प्रियंका गांधी- सोनभद्र के पीड़ितों से जरूर मिलूंगी, जमानत नहीं लूंगी

सोनभद्र में दस लोगों की हत्या के बाद सियासी सरगर्मी बढ़ती ही जा रही है. सोनभद्र में धारा 144 लागू होने के बाद भी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पीड़ितों से मिलने की जिद पर अड़ी हुई हैं. उन्होंने शुक्रवार की रात मिर्जापुर में ही बिताई. उनके निजी सचिव संदीप ने बताया कि भीषण गर्मी में बार-बार बिजली कटौती से परेशान प्रियंका गेस्ट हाउस के दूसरी ओर अकेले टहलती रहीं. प्रियंका गांधी तड़के करीब साढ़े चार बजे सोने के लिए कमरे में गईं. चुनार किले के गेस्ट हाउस में कैद प्रियंका गांधी को मनाने के लिए मिर्जापुर और वाराणसी मंडलों के मंडलायुक्त शनिवार देर रात वहां पहुंचे. इनके साथ एडीजी पुलिस मौजूद रहे लेकिन वार्ता बेनतीजा साबित हुई. इसके बाद शनिवार सुबह से ही कार्यकर्ताओं का गेस्ट हाउस आना शुरू हो गया.

प्रियंका जिस गेस्ट हाउस में कैद, वहां बिजली-पानी नहीं
प्रियंका वाड्रा ने रात को चुनार गेस्ट हाउस में दाल, चावल और सब्जी का ही भोजन किया. वहां पर अन्य कार्यकर्ताओं के लिए भोजन के पैकेट्स आए. कार्यकर्ताओं ने कहा, ‘प्रियंका गांधी को गिरफ्तार करने के बाद वहां की बिजली पानी कटवा दी गई है, उन्हें देश की सर्वोच्च सुरक्षा प्राप्त है, भगवान न करे पर कोई अनहोनी होती है तो उसके लिए नेहरू जी नहीं भाजपा सरकार जिम्मेदार होगी.’ शनिवार की सुबह प्रियंका ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा, ‘पिछले 24 घंटों से मैं यहां हूं, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक मुझे घटना के पीड़ितों से मिलने की अनुमति नहीं दी है.’ उन्होंने कहा, ‘पीड़ितों के दो रिश्तेदार मुझसे मिलने पहुंचे थे, 15 और लोग आना चाहते थे, लेकिन उन्हें नहीं आने दिया गया. मुझे भी उनसे नहीं मिलने दिया जा रहा है.’ प्रियंका गांधी ने मीडिया से कहा, ‘भगवान जाने इनकी मानसिकता क्या है? आप थोड़ा दबाव बनाइए, उन्हें आने दीजिए. मेरे पीछे पड़े हैं.’

पुलिस ने रोका तो तृणमूल सांसदों ने किया विरोध
इधर, शनिवार की सुबह सोनभद्र की घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस के तीन सांसद भी पीड़ितों से मिलने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें वाराणसी एयरपोर्ट पर ही रोक दिया. पुलिस के इस रवैये का विरोध करते हुए डेरेक ओ ब्रायन और उनके साथ आए दोनों सांसद एयरपोर्ट पर ही धरने पर बैठ गए. ब्रायन ने पुलिस के इस कार्रवाई की तीखी निंदा करते हुए कहा कि यह सरासर नाइंसाफी है. तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने मीडिया के साथ बात करते हुए कहा, ‘एडीएम और एसपी ने हम लोगों से कहा कि हमें नहीं जाने दिया जाएगा. हम लोगों ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से पूछा भी कि क्या यहां धारा 144 लगी (जिसमें 4 लोग एक जगह इकट्ठा नहीं हो सकते) है, हम तो सिर्फ तीन ही हैं.’ ब्रायन ने कहा कि हम लोग यहां से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर जाकर वहां भर्ती घायलों से मिलेंगे, इसके बाद सोनभद्र जाएंगे.

(इनपुट – एजेंसी)