नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में हुए कथित अवैध खनन मामले में सीबीआई की कार्रवाई और अखिलेश यादव से पूछताछ की आशंका के बीच एसपी और बीएसपी ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. सपा के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव और बसपा के राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने संसद परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला. राम गोपाल यादव ने कहा कि केंद्र के इशारे पर सीबीआई का दुरुपयोग हो रहा है. अभी गठबंधन की बात ही हुई है अगर सड़क पर आए तो बीजेपी का चलना भी मुश्किल हो जाएगा. हताशा में सरकार ने सीबीआई से गठबंधन कर लिया है. सरकार तोते (सीबीआई) का इस्तेमाल कर रही है.

वहीं सतीश मिश्रा ने कहा कि नए साल पर दोनों पार्टी के नेताओं की दिल्ली में औपचारिक मुलाकात से बीजेपी हताशा में है और इसलिए सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि खनन घोटाले में आईएएस अधिकारी के ऊपर एफआईआर दर्ज है. एफआईआर इस बात की है कि प्रदेश में जो कानून बनाया उसका उल्लंघन करके उन्होंने खनन पट्टों का अलॉटमेंट किया. तो इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश के ऊपर आरोप कैसे आ गया.

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में खनन मंत्री की नाक के नीचे उनके दफ्तर में बैठकर उनके सचिव लेनदेन कर रहे हैं. इसमें मंत्री का कसूर क्या है. सतीश मिश्रा ने कहा कि सरकार हताशा में आकर एक नया गठबंधन ढूंढ रही है. कहीं खिचड़ी पका रहे हैं कहीं बना रहे हैं. कहीं कह रहे हैं कि राम मंदिर बनाएंगे, फिर कह रहे हैं कि राम मूर्ति बनाएंगे, जब इससे भी बात नहीं बनी तो भगवान की जाति बता रहे हैं. जिसके लिए कहा जाता है कि भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे, कम से कम उससे तो डरो.

कांग्रेस ने भी उत्तर प्रदेश के खनन मामले से संबंधित सीबीआई के छापे को लेकर सोमवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार राज्य में गठबंधन को रोकने के लिए सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है. पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाब नबी आजाद ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘मोदी सरकार ने जो वादे किए उनको पूरा करने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है. सिर्फ इस पर पूरा ध्यान लगाया है कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग का कैसे अपने विरोधियों को कमजोर करने और उन पर आरोप लगाने के लिए इस्तेमाल करना है.

उन्होंने कहा, ‘चाहे कांग्रेस के नेता हों, राकांपा के नेता हों, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक या अन्नाद्रमुक के नेता हों, उन पर सीबीआई, आयकर और ईडी की कार्रवाई के जरिए उनको डराने धमकाने का पूरा प्रयास किया.आजाद ने कहा, ‘इस सरकार ने जाते-जाते उन पर (सपा नेताओं पर) कार्यवाही शुरू कर दी. पौने पांच साल यह सरकार कहां बैठी थी. पौने पांच साल तक इनको भ्रष्टाचार नहीं दिखा. इनका मकसद यह है कि डराओ-धमकाओ ताकि गठबंधन न होने पाए.

वहीं खुद से पूछताछ की आशंका के बारे में रविवार को अखिलेश यादव ने कहा था कि वह सीबीआई को जवाब देने के लिये तैयार हैं, मगर भाजपा यह याद रखे कि वह जिस संस्कृति को छोड़कर जा रही है, कल उसे भी उसका सामना करना पड़ेगा. वर्ष 2012-13 में खनन विभाग तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास था. लिहाजा माना जा रहा है कि सीबीआई इस मामले में उनसे भी पूछताछ कर सकती है.