नई दिल्ली: अगले साल लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के बिना ही सपा-बसपा गठबंधन को अंतिम रूप दिए जाने से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों को बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने खारिज किया है. मिश्रा ने कहा है कि इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है. समाजवादी पार्टी ने भी कहा है कि महागठबंधन को लेकर फैसले में अभी समय लगेगा.

मिश्रा ने बुधवार को संसद भवन परिसर में कांग्रेस की गैरमौजूदगी वाले सपा-बसपा गठबंधन से जुड़ी खबरों की सच्चाई के सवाल पर बताया ‘‘यह कभी सच नहीं हो सकता है, ऐसा कुछ नहीं हुआ है.’’ उल्लेखनीय है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में सपा और बसपा के शीर्ष नेतृत्व के बीच उत्तर प्रदेश में लोकसभा सीटों के बंटवारे पर सहमति होने का दावा किया गया था. इसमें बताया गया था कि गठबंधन की औपचारिक घोषणा अगले साल 15 जनवरी को बसपा प्रमुख मायावती के जन्मदिन पर की जाएगी. मिश्रा ने इसे खारिज करते हुए कहा ‘‘जन्मदिन ऐसे नहीं मनाए जाते हैं. तथ्यात्मक रूप से यह गलत है.’’

सीएम योगी का दावतनामा, कहा- राहुल गांधी कुंभ आएं, जनेऊ दिखाने का मौका मिलेगा

इस बीच सपा ने भी गठबंधन को अंतिम रूप देने की बात को खारिज किया है. सपा प्रवक्ता घनश्याम तिवारी ने कहा ‘‘सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पिछले दिनों गठबंधन के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि दोनों दल जनता की भावनाओं को समझते हुये गंभीर रूप से प्रयासरत हैं लेकिन इसे अंतिम रूप देने में थोड़ा समय लगेगा.’’ तिवारी ने कहा कि इस तरह की कोई भी रिपोर्ट सच्चाई से रहित है जिसका कोई आधार नहीं है.

यूपी में SP-BSP के बीच महागठबंधन का फार्मूला तैयार, कांग्रेस को नहीं करेंगे शामिल: सूत्र

बसपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस की गैरमौजूदगी वाले सपा-बसपा गठबंधन को अमलीजामा पहनाने की बात को फिलहाल काल्पनिक बताते हुए कहा ‘‘दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत चल रही है. गठबंधन अवश्य होगा लेकिन अभी यह कहना मुमकिन नहीं है कि आने वाले समय में इसका स्वरूप क्या होगा.’’