लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बात की घोषणा की है कि उनकी पार्टी साल 2022 का उत्तर प्रदेश चुनाव अकेले लड़ेगी. अखिलेश ने अपने चाचा शिवपाल यादव के प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (पीएसपीएल) के साथ किसी भी तरह के गठबंधन से इंकार कर दिया है.

बुधवार को देर रात जारी एक बयान के मुताबिक, सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी अगली सरकार बनाएगी. उन्होंने कहा, “लोगों ने भाजपा के गेम प्लान को देखा है और अब उन्हें झूठे वादों से ज्यादा लंबे समय तक मूर्ख नहीं बनाया जा सकेगा. अब वे हमारे शासन की बात कर रहे हैं और इसकी तुलना भाजपा के साथ कर रहे हैं. हमें गठबंधन की जरूरत नहीं हैं, हम अपने दम पर लड़ेंगे 2022 का चुनाव.” गठबंधन के साथ समाजवादी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था. पार्टी ने साल 2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन किया और उस वक्त उन्हें न केवल सत्ता से बाहर किया गया बल्कि राज्य विधानसभा में उन्हें केवल 47 सीट ही मिले जिसके 403 सदस्य थे.

बता दें कि साल 2019 में सपा ने बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया और इसे एक गेम चेंजर के रूप में देखा जा रहा था. हालांकि इस बार भी समाजवादी पार्टी को पांच सीटें ही मिली और बसपा ने सपा कार्यकर्ताओं पर बसपा प्रत्याशियों का समर्थन नहीं करने का आरोप लगाते हुए इस गठबंधन को तोड़ दिया. गठबंधन के साथ किया गया दोनों ही प्रयोग गलत साबित हुई, सपा का अब अन्य किसी भी विपक्षी दल के साथ कोई संबंध नहीं है.